शरीर से Uric Acid कम करने में मददगार हैं ये पांच प्राकृतिक तरीके, आप भी जानें

Uric Acid Remedies: हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार हाई यूरिक एसिड के कारण गाउट, अर्थराइटिस, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी डैमेज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है

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कुछ फूड्स में प्यूरीन नामक तत्व की अधिकता होती है जिसके ब्रेकडाउन से यूरिक एसिड बनता है

Uric Acid Natural Remedies: आमतौर पर देखा जाता है कि जब लोगों की किडनी ठीक तरीके से यूरिक एसिड को बाहर नहीं निकाल पाता है तो शरीर में इसकी मात्रा बढ़ने लगती है। इसके अलावा, मोटापा, डायबिटीज, कुछ दवाइयों का इस्तेमाल, शराब का सेवन और प्यूरीन युक्त फूड्स की अधिकता से यूरिक एसिड (Uric Acid Control) बढ़ने लगता है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार हाई यूरिक एसिड के कारण गाउट, अर्थराइटिस, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी डैमेज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। ऐसे में इसे नियंत्रित करने में अपनी डाइट को बेहतर करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि यूरिक एसिड को नैचुरल तरीकों से कैसे कम करें –

कम कर दें प्यूरीन का सेवन: कुछ फूड्स में प्यूरीन नामक तत्व की अधिकता होती है जिसके ब्रेकडाउन से यूरिक एसिड बनता है। ऐसे में लोगों को उन फूड्स से परहेज कर लेना चाहिए जिसमें प्यूरीन की अधिकता हो। ट्राउट, ट्यूना, हैडोक, सार्डाइंस जैसी समुद्री मछलियां, रेड मीट, चिकेन की कलेजी में प्यूरीन (Uric Acid Foods) ज्यादा होता है। इसके अलावा, मीठे पेय और खाद्य पदार्थ, शराब, डेयरी और हाई फैट फूड्स से भी दूरी बनाएं।

कम करें दवाओं का इस्तेमाल: हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक कुछ दवाइयों को खाने से यूरिक एसिड का स्तर शरीर में बढ़ सकता है। डाइ-यूरेटिक ड्रग्स, लो डोज एस्पिरिन और ऑर्गन ट्रांसप्लांट के बाद दी जाने वाली दवाइयां यूरिक एसिड को प्रभावित करती है। हालांकि, किसी भी दवा को छोड़ने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

वजन पर रखें निगरानी: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मोटापा युवाओं में गठिया का खतरा बढ़ाते हैं। वजन बढ़ने से लोगों का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। इससे ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल ज्यादा होता है जिस वजह से हार्ट डिजीज की संभावना होती है। वजन पर संतुलन रखने से यूरिक एसिड (Uric Acid Treatment) कंट्रोल में रहता है।

शराब और शुगरी ड्रिंक्स से करें परहेज: एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूरिक एसिड की उच्च मात्रा के पीछे शराब और मीठे पेय पदार्थों का सेवन भी जिम्मेदार होता है। सोडा, मीठे जूस, कोल्ड ड्रिंक, बीयर, वोडका और वाइन का सेवन कम कर दें।

कॉफी पीयें: कई शोध में इस बात का खुलासा हो चुका है कि कॉफी पीने से गठिया की चपेट में आने का खतरा कम होता है। यूरिक एसिड कंट्रोल करने के साथ ही मरीजों की संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी कॉफी का सेवन सहायक होता है। दिन भर में 2-3 कप कॉफी पी सकते हैं।

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