आज की तेज रफ्तार जिंदगी और बदलती खानपान की आदतों ने कब्ज को आम समस्या बना दिया है। लोग अक्सर इसे हल्के में ले लेते हैं, लेकिन लंबे समय तक पेट साफ न होना शरीर के सामान्य कामों को प्रभावित कर सकता है। कब्ज का असर सिर्फ पेट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे व्यक्ति चिड़चिड़ा, थका हुआ और मानसिक रूप से परेशान भी महसूस कर सकता है। रिसर्च के अनुसार दुनिया भर में करीब 21 प्रतिशत लोग कब्ज से परेशान हैं, जबकि भारत में यह आंकड़ा लगभग 22 प्रतिशत वयस्कों तक पहुंच चुका है। इसकी सबसे बड़ी वजह असंतुलित डाइट और खराब लाइफस्टाइल मानी जाती है।

कब्ज के मुख्य कारण

कब्ज वह स्थिति है जब व्यक्ति को नियमित रूप से मल त्याग करने में परेशानी होती है या मल सख्त हो जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं, लेकिन सबसे आम कारणों में खाने में फाइबर की कमी, पानी कम पीना और अनियमित दिनचर्या शामिल है। इसके अलावा ज्यादा देर तक बैठे रहना, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव और जंक फूड का अधिक सेवन भी कब्ज की समस्या को बढ़ा सकता है।

कब्ज के आम लक्षण

कब्ज के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं और समय के साथ गंभीर हो सकते हैं। पेट का ठीक से साफ न होना इसका सबसे प्रमुख लक्षण है। इसके साथ ही मल त्याग के दौरान दर्द, पेट भारी लगना, भूख न लगना, पेट में दर्द या ऐंठन, गैस, मरोड़ और मतली जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। कई बार कब्ज के कारण व्यक्ति दिनभर सुस्त और चिड़चिड़ा महसूस करता है।

केला

केला सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन कब्ज की समस्या में इसका अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। केले में पेक्टिन नाम का रेशा पाया जाता है, जो कुछ लोगों में पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देता है। अगर पहले से कब्ज है, तो ज्यादा केला खाने से समस्या बढ़ सकती है।

च्युइंगम

च्युइंगम का ज्यादा सेवन भी कब्ज की वजह बन सकता है। इसमें मौजूद चीनी और कृत्रिम तत्व पाचन तंत्र पर असर डालते हैं। इसके अलावा बार-बार च्युइंगम चबाने से पेट में हवा भर जाती है, जिससे गैस और पेट भारीपन की शिकायत हो सकती है।

पनीर और डेयरी उत्पाद

पनीर, चीज और अन्य डेयरी उत्पादों में फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है। इनका अधिक सेवन पाचन को धीमा कर देता है और मल सख्त हो सकता है। खासकर जिन लोगों को दूध पचाने में दिक्कत होती है, उन्हें डेयरी प्रोडक्ट्स से कब्ज की समस्या ज्यादा हो सकती है।

चॉकलेट और कॉफी

चॉकलेट, खासतौर पर डार्क चॉकलेट, पाचन तंत्र को सुस्त कर सकती है। इसमें मौजूद कैफीन और शक्कर कब्ज की परेशानी बढ़ा सकते हैं। वहीं कॉफी सीमित मात्रा में पिए जाए तो ठीक है, लेकिन ज्यादा कॉफी पीने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे कब्ज की समस्या बढ़ जाती है।

दूध और शराब से बढ़ सकता है कब्ज

दूध और उससे बने उत्पाद कुछ लोगों में गैस, सूजन और कब्ज का कारण बनते हैं। वहीं शराब शरीर को डिहाइड्रेट करती है, जिससे आंतों में पानी की कमी हो जाती है और मल सख्त हो जाता है। यह स्थिति कब्ज को और गंभीर बना सकती है।

वाइट ब्रेड, अंडा और रेड मीट

सफेद ब्रेड में फाइबर कम होता है, जिससे पाचन सही तरीके से नहीं हो पाता। अंडे में प्रोटीन ज्यादा और फाइबर कम होता है, इसलिए ज्यादा अंडा खाने से पाचन धीमा हो सकता है। वहीं रेड मीट में फैट की मात्रा अधिक होती है और फाइबर न के बराबर होता है, जिससे कब्ज की समस्या बढ़ने की आशंका रहती है।

कब्ज से बचाव के आसान उपाय

कब्ज से बचने के लिए रोजाना पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है। खाने में हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज शामिल करें। नियमित रूप से वॉक या हल्की एक्सरसाइज करें और पेट की जरूरत को कभी न रोकें। सही खानपान और संतुलित जीवनशैली अपनाकर कब्ज की समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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