हम जो कुछ भी खाते हैं, उसका सीधा असर सिर्फ हमारी शारीरिक सेहत पर ही नहीं बल्कि हमारे मन और मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है। सही खानपान से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है, मूड बेहतर रहता है और तनाव भी कम महसूस होता है। भोजन का सबसे गहरा प्रभाव हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है, क्योंकि अगर पाचन सही नहीं रहेगा तो शरीर पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाएगा।
पाचन को दुरुस्त रखने के लिए डाइट में फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना बेहद जरूरी है। फाइबर आंतों की सफाई में मदद करता है, कब्ज की समस्या को कम करता है और पेट को लंबे समय तक हल्का महसूस कराता है। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, सरसों और फल जैसे पपीता, सेब, नाशपाती और अमरूद फाइबर के बेहतरीन स्रोत हैं। ये न सिर्फ पाचन को बेहतर बनाते हैं बल्कि शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल भी देते हैं।
इसके अलावा, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी पाचन के लिए उतना ही जरूरी है। पानी की कमी से कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं, तले-भुने, ज्यादा मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन पाचन को कमजोर कर सकता है। इसलिए संतुलित और सादा भोजन अपनाना बेहतर होता है। जिन लोगों का पाचन अक्सर खराब रहता है, उनके लिए डाइट का खास ध्यान रखना और कुछ योगासन करना बेहद जरूरी है।
भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र के मुताबिक नियमित समय पर खाना, अच्छी तरह चबाकर भोजन करना और ओवरईटिंग से बचना पाचन को मजबूत बनाने में मदद करता है। जिन लोगों का पाचन खराब होता है वो खाने से पहले कुछ योगासन करें तो आसानी से अपने पाचन को दुरुस्त रख सकते हैं। कुछ योगासन खाया पिया तुरंत पचा देते हैं और भोजन से जरूरी पोषक तत्वों को भी अवशोषित करते है। आइए जानते हैं कि खाने से पहले कौन-कौन से योगासन करें कि बॉडी को फायदा हो।
गोमुखासन करें
भोजन से पहले किया जाने वाला पहला महत्वपूर्ण आसन गोमुखासन है। इस आसन में दोनों पैरों को आगे फैलाकर बैठते हैं और फिर एक-एक करके दोनों पैरों को मोड़कर घुटनों को एक-दूसरे के ऊपर लाने की कोशिश करते हैं। जो पैर ऊपर होता है, उसी ओर का हाथ ऊपर से पीछे ले जाकर दूसरे हाथ से पकड़ लिया जाता है। इस स्थिति में लगभग 30 सेकंड तक बैठा जाता है। यह आसन रीढ़ को सीधा करता है, छाती को खोलता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाता है। इससे शरीर के आंतरिक अंग सक्रिय होते हैं और पाचन के लिए तैयार हो जाते हैं।
योग मुद्रा है असरदार
दूसरा उपयोगी आसन योग मुद्रा है। इसमें आराम से क्रॉस लेग पोज़िशन में बैठकर किसी एक हाथ से दूसरी कलाई को पीछे पकड़ लिया जाता है। रीढ़ सीधी रखते हुए गहरी सांस ली जाती है और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुका जाता है। इस अवस्था में कंधों और हाथों को ढीला छोड़ दिया जाता है। कुछ सेकंड रुकने के बाद सांस लेते हुए वापस ऊपर आते हैं और हल्का ट्विस्ट भी किया जाता है। इस आसन से पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे गैस, जकड़न और अकड़न दूर होती है और पाचन तंत्र सक्रिय होता है।
ट्विस्ट और साइड बेंड
भोजन से पहले हल्के ट्विस्ट और साइड बेंड करना भी बहुत फायदेमंद होता है। इससे पेट के सभी अंगों में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है। जब शरीर ढीला और तनावमुक्त होता है, तो वह भोजन को आसानी से ग्रहण करने के लिए तैयार हो जाता है। जब हम बैठकर या खड़े होकर ट्विस्ट करते हैं, तो पेट के अंदर मौजूद सभी अंगों जैसे पेट, आंत, लिवर और अग्न्याशय पर हल्का दबाव पड़ता है। इस दबाव से जमी हुई गैस बाहर निकालने में मदद मिलती है , कब्ज व अपच की समस्या कम होती है।
मकरासन, सुखासन और पद्मासन करें
भोजन से पहले 2 से 5 मिनट तक मकरासन, सुखासन या पद्मासन में शांत बैठना भी बेहद लाभकारी है। इन आसनों में बैठने से मन शांत होता है और मानसिक तनाव कम होता है। जब मन शांत रहता है, तो व्यक्ति भोजन को धीरे-धीरे और ध्यानपूर्वक करता है। माइंडफुल ईटिंग से भोजन आसानी से पचता है और पाचन संबंधी समस्याएं कम होती हैं।
निष्कर्ष
भोजन से पहले किए जाने वाले योगासन शरीर को पाचन के लिए प्राकृतिक रूप से तैयार करते हैं। ये आसन पेट के अंगों को सक्रिय करते हैं, गैस और जकड़न को दूर करते हैं तथा रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाते हैं। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और भोजन से मिलने वाले पोषक तत्व शरीर बेहतर तरीके से ग्रहण कर पाता है। साथ ही, ये योगासन मन को भी शांत करते हैं।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
Heart Health: नसों की ब्लॉकेज को जड़ से साफ कर देगा फर्मेंटेड लहसुन, BP के मरीजों के लिए है वरदान, जानिए फायदे और तरीका पूरी जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें।
