आयुर्वेद में ‘अमृत’ और मॉडर्न डाइट में ‘सुपरफूड’ माना जाने वाला अंजीर (Fig) एक ऐसा फल है जो न सिर्फ खाने में मजेदार लगता है बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है। आयुर्वेद में अंजीर को शरीर को मजबूत बनाने वाला और पाचन को सुधारने वाला बताया गया है। इसका सेवन करने से हॉर्मोन बैलेंस रहते हैं।  इसमें मौजूद पोषक तत्वों की बात करें तो ये फाइबर, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स गुणों से भरपूर होता है जो हमारी बॉडी को भरपूर पोषण देता हैं। अंजीर का नियमित और सही मात्रा में सेवन करने से पाचन से जुड़ी परेशानियां जैसे कब्ज, गैस और एसिडिटी का इलाज होता है। फाइबर से भरपूर होने के कारण ये आंतों की सफाई में मदद करती है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। आयुर्वेद में इसे बलवर्धक माना गया है, यानी यह शरीर की कमजोरी दूर करने और स्टैमिना बढ़ाने में सहायक है।

ये एक ऐसा ड्राईफ्रूट है जिसे फल के रूप में और सुखाकर दोनों तरह से खाया जाता है। वजन को कंट्रोल करने में ये ड्राई फ्रूट बेहद उपयोगी साबित होता है। आयरन, कैल्शियम और फाइबर से भरपूर ये छोटा सा फल सेहत के लिए अमृत साबित होता है। आप जानते हैं कि सेहत को अनगिनत फायदे पहुंचाने वाला अंजीर कुछ खास शारीरिक स्थितियों में शरीर के लिए आफत भी बन सकता है।

डॉ. दीपक कुमार  जो आयुर्वेदिक एक्सपर्ट है। उन्हें चिकित्सा और परामर्श के क्षेत्र में लगभग 35 सालों से ज्यादा का अनुभव है। डॉ. दीपक कुमार हरिद्वार, भारत के सर्वश्रेष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं, ने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार हर शरीर की प्रकृति अलग होती है। अंजीर की तासीर ठंडी भारी होती है जो हर किसी को रास नहीं आती। अक्सर लोग बिना सोचे-समझे इसके अनगिनत फायदों के लालच में इसे खाना शुरू कर देते हैं, लेकिन बाद में किडनी स्टोन, पेट दर्द या ब्लड शुगर के अचानक गिरने जैसी समस्याओं से घिर जाते हैं। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया कि अंजीर फायदेमंद है लेकिन 5 बीमारियों में इस फल का सेवन सेहत के लिए जहर साबित होता है। आइए जानते हैं कि किन 5 लोगों को अंजीर का सेवन नहीं करना चाहिए।

हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग करें परहेज

जिन लोगों का ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा रहता है, उन्हें अंजीर का सेवन सावधानी से करना चाहिए। अंजीर में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है, जो नॉर्मल लोगों के लिए फायदेमंद है, लेकिन जिन लोगों का बीपी हाई रहता है उनमें ये फल असंतुलन पैदा कर सकता है। ज्यादा मात्रा में अंजीर खाने से बीपी अचानक गिर या बढ़ सकता है। इसलिए ऐसे मरीजों को अंजीर नियमित रूप से खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

ब्लड थिनर दवा लेने वाले करें इससे बचाव

जो लोग ब्लड थिनर जैसी दवाएं लेते हैं, उनके लिए अंजीर नुकसानदायक हो सकती है। अंजीर में मौजूद प्राकृतिक यौगिक खून को और पतला करने का काम कर सकते हैं। इससे ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है, खासकर चोट या सर्जरी की स्थिति में। ऐसे लोगों को अंजीर का सेवन बिना मेडिकल सलाह के नहीं करना चाहिए और इसकी मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

ब्लड शुगर हाई रहता है तो नहीं खाएं

डायबिटीज मरीज ब्लड शुगर के स्तर को नॉर्मल करना चाहते हैं तो वो अंजीर से परहेज करें। अंजीर प्राकृतिक रूप से मीठा फल है और इसमें शुगर की मात्रा होती है। जिन लोगों की डायबिटीज कंट्रोल नहीं रहती, उनके लिए अंजीर ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। सूखे अंजीर में शुगर ज्यादा होती है। इसलिए डायबिटीज मरीजों को अंजीर खाने से पहले अपने शुगर लेवल और डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

पेट बहुत ज्यादा खराब रहता है तो अंजीर नहीं खाएं

जिन लोगों को बार-बार दस्त, पेट दर्द या अत्यधिक गैस की समस्या रहती है, उन्हें अंजीर से परहेज करना चाहिए। अंजीर में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो कमजोर पाचन वाले लोगों में दस्त को बढ़ा सकती है। ज्यादा सेवन से पेट में ऐंठन और असहजता भी हो सकती है। ऐसे में अंजीर का सेवन सीमित या बिल्कुल न करना बेहतर माना जाता है।

गर्भवती महिलाएं

गर्भावस्था के दौरान अंजीर का सेवन करना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए सावधानी से इसका सेवन करना जरूरी है। अंजीर शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है और अधिक मात्रा में लेने पर पेट से जुड़ी दिक्कतें पैदा कर सकता है। कुछ मामलों में यह ब्लड शुगर और पाचन को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को अंजीर खाने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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