मुनक्का एक छोटा-सा सूखा मेवा है,जिसे आयुर्वेद में ट्री ऑफ लाइफ कहा गया है। आयुर्वेद में इसे केवल ड्राई फ्रूट नहीं बल्कि औषधि माना जाता है। मुनक्का शरीर को पोषण देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। मुनक्का एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जो बड़े आकार के सूखे अंगूर होते हैं, जिन्हें किशमिश का एक प्रकार माना जाता है। मुनक्का में मौजूद पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और कैल्शियम भरपूर होता हैं जो पाचन को दुरुस्त करता है। इसका सेवन करने से बॉडी में खून की कमी पूरी होती है। ये ड्राई फ्रूट हड्डियों को मजबूत बनाता है और सर्दी जुकाम से बचाव करता है। रात भर पानी में भिगोकर या दूध में उबालकर मुनक्का खाने से पेट की गर्मी शांत होती है।

आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी के मुताबिक मुनक्का का प्रभाव शीत वीर्य होता है, यानी ये शरीर की गर्मी को कम करता है और पित्त दोष को बैलेंस करता है। जिन लोगों के पेट में गर्मी होती है उनके लिए ये रामबाण इलाज है। इस ड्राई फ्रूट का सेवन करने से पेट की गैस,   एसिडिटी, पेट की जलन और पेट की गर्मी का इलाज नेचुरल तरीके से किया जा सकता है। ये हमारे पेट पर कूलर की तरह काम करता है। आइए जानते हैं कि रोज अगर मुनक्का का सेवन किया जाए तो सेहत पर कैसा होता है असर।

मुनक्का के पोषक तत्व

मुनक्का छोटा होने के बावजूद पोषण से भरपूर होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें डाइटरी फाइबर, विटामिन B-कॉम्प्लेक्स, फोलेट, आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम पाए जाते हैं जो शरीर को ऊर्जा देने और अंदरूनी सेहत सुधारने में मदद करते हैं।

मुनक्का का सेवन करने से सेहत को होने वाले फायदे

मुनक्का है एक नेचुरल लैक्सेटिव

मुनक्का को आयुर्वेद में रेचन माना गया है। यह कब्ज की समस्या को दूर करता है और पेट को साफ रखने में मदद करता है। अगर आप रोजाना मुनक्का को दूध या पानी में भिगोकर खाते हैं तो आपका डाइजेशन बेहतर होता है, कब्ज का इलाज होता है।

एंटी एजिंग है मुनक्का

मुनक्का में पाया जाने वाला रेसवेराट्रॉल एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। यह फ्री रेडिकल्स से लड़ता है और बढ़ती उम्र के असर को धीमा करने में मदद करता है।Journal of Food Science में प्रकाशित शोध के अनुसार मुनक्का में पॉलीफेनोल्स (Polyphenols) और फ्लेवोनोइड्स की मात्रा बहुत अधिक होती है। उम्र बढ़ने का सबसे बड़ा कारण ‘फ्री रेडिकल्स’ हैं जो हमारी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। मुनक्का के एंटीऑक्सीडेंट्स इन फ्री रेडिकल्स को बेअसर कर देते हैं, जिससे चेहरे पर झुर्रियां और फाइन लाइन देरी से आती हैं।

डाइजेशन और एसिडिटी में मुनक्का के फायदे

मुनक्का का पानी पीने से एसिडिटी, गैस, पेट की जलन और कब्ज में राहत मिलती है। यह पाचन को स्मूथ बनाता है और आंतों को स्वस्थ रखता है। Journal of Agricultural and Food Chemistry में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार मुनक्का में टारटरिक एसिड और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। मुनक्का में मौजूद अघुलनशील फाइबर मल को भारी बनाता है और आंतों की गति को तेज करता है। टार्टरिक एसिड आंतों में गुड बैक्टीरिया के साथ मिलकर पाचन प्रक्रिया को आसान बनाता है, जिससे पुरानी कब्ज में तुरंत राहत मिलती है।

एनीमिया में फायदेमंद

मुनक्का में आयरन और कॉपर की अच्छी मात्रा होती है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करती है। यह खासतौर पर महिलाओं और बच्चों के लिए एक नेचुरल टॉनिक की तरह काम करता है।

हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है मुनक्का

मुनक्का में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत बनाता हैं। इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला ओलियानोलिक एसिड दांतों को सड़ने से बचाने में मददगार होते है।

इम्यूनिटी और हार्ट हेल्थ के लिए है असरदार

मुनक्का इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। इसमें मौजूद पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते हैं और दिल को हेल्दी रखते हैं।

हार्मोनल बैलेंस में मुनक्का की भूमिका है अहम

मुनक्का हार्मोनल इंबैलेंस को संतुलित करने में मदद करता है। इससे मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन और महिलाओं में पीरियड से जुड़ी समस्याओं में राहत मिल सकती है।

अस्थमा, खांसी और ब्रोंकाइटिस में फायदेमंद

मुनक्का में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एक्सपेक्टोरेंट गुण होते हैं। यह सीने में जमा बलगम को बाहर निकालता है और सांस की नलियों को साफ करता है।

तनाव कम कर नींद में करता है सुधार

अगर आपको नींद की समस्या या ज्यादा स्ट्रेस रहता है, तो रात में गर्म दूध में 4–5 मुनक्का उबालकर पीना फायदेमंद होता है। इससे नींद बेहतर होती है और तनाव कंट्रोल होता है।

अंडरवेट लोगों का बढ़ाता है वजन

जिन लोगों का शरीर दुबला पतला है और वो वजन को बढ़ाना चाहते हैं तो रोज मुनक्का का सेवन करें। दुबले-पतले लोगों का वजन बढ़ाने में मुनक्का मददगार साबित होता है।

नींद और कमजोरी के लिए मुनक्का वाला दूध

रात में गर्म दूध में 4–5 मुनक्का उबालकर पीने से नींद अच्छी आती है, स्ट्रेस कम होता है और शरीर में ताकत बढ़ती है। दुबले-पतले लोगों के लिए ये वजन बढ़ाने में भी मददगार है।

मुनक्का खाने का सही तरीका

रात में 8 मुनक्का पानी में भिगो दें। सुबह पानी पी लें और मुनक्का के बीज निकालकर उन्हें खा लें। ये तरीका डाइजेशन और एसिडिटी के लिए सबसे बेहतर माना जाता है।

मुनक्का खाने से पहले जरूरी सावधानियां

डायबिटीज के मरीज मुनक्का सीमित मात्रा में ही खाएं। ठंडी प्रकृति वाले लोगों को भी इसका अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। मुनक्का हमेशा बीज निकालकर ही खाएं क्योंकि बीज कब्ज बढ़ा सकते हैं।

मुनक्का की सही मात्रा

दिन में 5 से 8 मुनक्का पर्याप्त होते हैं। मुनक्का का सेवन संतुलन में करना ज्यादा फायदेमंद होता है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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