आयुर्वेद में नीम को ‘सर्व रोग निवारणी’ कहा गया है, यानी वो जो हर बीमारी को दूर करने की शक्ति रखता है। भारत के हर आंगन में मिलने वाला नीम सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि चलता-फिरता अस्पताल है। चेहरे के जिद्दी मुहांसे हों, बढ़ता हुआ ब्लड शुगर या फिर शरीर में जमा गंदगी (Toxins) हो नीम का पत्ता हर समस्या का प्राकृतिक समाधान है। नीम का पत्ता आयुर्वेद में एक बेहद प्रभावशाली औषधि माना जाता है। भारत में पाए जाने वाले नीम का उपयोग सदियों से दवा, स्किन ट्रीटमेंट और दांतों की सेहत के लिए किया जाता रहा है।
एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर और प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर विमल छाजड़ के मुताबिक नीम में मौजूद बायो-एक्टिव कंपाउंड और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं। नीम पर दुनिया भर में हजारों वैज्ञानिक शोध हो चुके हैं।
आधुनिक विज्ञान इसे इसकी रासायनिक संरचना के कारण ‘मिरेकल ट्री’ मानता है। जर्नल ऑफ एथ्नो फार्माकोलॉजी और कई मेडिकल रिसर्च के अनुसार नीम में ‘लिमोनोइड्स’ (Limonoids) और एजाडिरेक्टिन (Azadirachtin) जैसे तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने और उन्हें खत्म करने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। नीम का सेवन प्रोस्टेट, स्तन और कोलन कैंसर के जोखिम को कम करने में असरदार साबित होता है। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि नीम लीवर और किडनी के काम करने की क्षमता को बढ़ाता है। आप जानते हैं कि अगर आप इसे गलत तरीके से या गलत मात्रा में लेते हैं, तो यह सेहत को फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं कि नीम का सेवन करने से सेहत पर कैसा असर होता है और इसे कैसे खाएं।
इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार
नीम के पत्तों में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं। यह बैक्टीरिया, फंगस और वायरस से लड़ने में मदद करता है और बार-बार होने वाले इंफेक्शन से बचाव करता है।
स्किन इंफेक्शन और घावों में असरदार
नीम में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं। कट, घाव, फोड़े-फुंसी या स्किन इंफेक्शन में नीम के पत्तों का पेस्ट लगाने से जल्दी राहत मिल सकती है। मुंहासों की समस्या में भी नीम उपयोगी माना जाता है।
डायबिटीज कंट्रोल करने में सहायक
नीम में एंटी-डायबिटिक प्रॉपर्टीज होती हैं। नीम का पत्ता, पाउडर या जूस लेने से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है और इंसुलिन की कार्यक्षमता बेहतर होती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की रिपोर्ट के अनुसार, नीम में हाइपोग्लाइसेमिक (ब्लड शुगर कम करने वाला) प्रभाव होता है। नीम के पत्ते इंसुलिन की संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं। यह ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा कर देता है, जिससे भोजन के बाद अचानक बढ़ने वाला शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।
दांत और मुंह की सेहत के लिए फायदेमंद
नीम दांतों के जर्म्स को खत्म करने में मदद करता है। नीम की दातुन या नीम युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करने पर प्लाक, बदबू और मसूड़ों की सूजन कम हो सकती है। यह ओरल हेल्थ को बेहतर बनाता है। डेंटल रिसर्च में पाया गया है कि नीम की पत्तियों में शक्तिशाली एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं। ये दांतों के प्लाक (Plaque) को जमने से रोकता है और मसूड़ों की सूजन (Gingivitis) को कम करता है। यही कारण है कि आयुर्वेद में नीम की दातून को सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त
नीम पाचन तंत्र को साफ रखने में मदद करता है। यह पेट के अल्सर, सूजन और बैड ब्रेथ (हैलिटोसिस) जैसी समस्याओं में भी लाभकारी हो सकता है। रिसर्च के मुताबिक नीम के पत्तों का अर्क पेट में एसिड के स्राव को संतुलित करता है। यह पेट की अंदरूनी परत को सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे अल्सर (Ulcers) होने का खतरा कम हो जाता है और पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है।
सूजन, दर्द और अल्सर में राहत
नीम में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। किसी जगह सूजन या दर्द हो तो नीम के पत्तों का पेस्ट लगाने से राहत मिल सकती है। पेप्टिक अल्सर और घाव भरने में भी नीम सहायक माना जाता है।
कैंसर और फ्री रेडिकल्स से बचाव
नीम में मौजूद विटामिन C, E, कैरोटीनॉयड और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं, जो कैंसर और इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं।
नीम का सेवन करते समय ये सावधानियां जरूरी
- नीम का सेवन सीमित मात्रा में ही करें। रोज 1–2 चम्मच या 10–15 पत्ते पर्याप्त हैं।
- प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग महिलाएं नीम का सेवन न करें।
- बच्चों को अधिक मात्रा में नीम देना नुकसानदायक हो सकता है।
- ज्यादा नीम लेने से किडनी स्टोन का खतरा बढ़ सकता है।
निष्कर्ष
नीम का पत्ता सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है, लेकिन इसका उपयोग संतुलित मात्रा में और सही तरीके से करना जरूरी है। किसी गंभीर बीमारी में नीम का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होगा।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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