डॉक्टर के मुताबिक बॉडी के बार बार बीमार पड़ने के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे खराब डाइट यानी ऐसी डाइट जिसमें पोषक तत्वों की कमी हो। खराब डाइट कमजोर इम्यूनिटी का कारण बनती है, कमजोर इम्यूनिटी ही बार-बार बीमार करती है। बॉडी के बीमार पड़ने के लिए कुछ कारण और जिम्मेदार होते हैं जैसे शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का बढ़ना, लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन (Chronic Inflammation) और शरीर के जरूरी अंगों का सही ढंग से काम नहीं करना जिम्मेदार हो सकता है। अगर बॉडी में इन फैक्टर्स को कंट्रोल किया जाए तो शरीर को बार-बार बीमार होने से बचाया जा सकता है। इन सभी फैक्टर का समाधान एक मैजिकल हर्ब में मौजूद है जो एक साथ 300 से ज्यादा बीमारियों का इलाज कर सकता है।
जी हां, हम बात कर रहे हैं मोरिंगा के पत्तों की जो आसानी से हमारे आस-पास मिल जाते हैं। मेडिकल साइंस में मोरिंगा के पत्तों को मिरेकल ट्री कहा जाता है, आयुर्वेद इन पत्तों को सुपरफूड का राजा मानता है। मोरिंगा जिसे कई नामों से जाना जाता है जैसे सहजन, सहजन की पत्तियां और अंग्रेज़ी में ड्रमस्टिक लीव्स (Drumstick Leaves)। आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी जो पारंपरिक हर्बल और प्राकृतिक उपचार करते हैं, पिछले 14 सालों से मेडिकल के क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे हैं। डॉ. सलीम जैदी का फोकस प्राकृत, हर्बल, आयुर्वेदिक और यूनानी उपायों पर आधारित जीवन शैली सुधार पर है। डॉक्टर सलीम ने बताया अगर सिर्फ 5 ग्राम मोरिंगा के पत्तों का पाउडर रोज खाया जाए तो नसों से लेकर आंख, हड्डियों और दिल के रोगों का इलाज किया जा सकता है। आइए जानते हैं डॉक्टरों की इस विशेष रिपोर्ट में इन पत्तियों के खास फायदे।
मोरिंगा को सुपरफूड क्यों कहा जाता है
डॉक्टर के अनुसार, सहजन के पत्तों में भरपूर न्यूट्रिशन पाया जाता है, इसलिए इसे सुपरफूड कहा जाता है। इन पत्तों में मौजूद पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें प्रोटीन,आयरन,विटामिन C,विटामिन A, विटामिन B6, विटामिन B2, मैग्नीशियम मौजूद होता है। इन सभी पोषक तत्वों का अगर रोज सेवन किया जाए तो बॉडी में पोषक तत्वों की कमी पूरी होती है जो बॉडी के बार-बार बीमार होने का अहम कारण है। इन पत्तियों का सेवन करने से आपको किसी तरह का कोई मल्टीविटामिन लेने की जरुरत नहीं है।
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कंट्रोल करता है ये पाउडर
रोजाना मोरिंगा का पाउडर खाने से शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कंट्रोल किया जा सकता है। इसका सेवन करने से गठिया, डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। जब शरीर में फ्री रेडिकल्स (Free Radicals) की मात्रा बढ़ जाती है और एंटीऑक्सीडेंट्स कम हो जाते हैं, तो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा होता है, जो कैंसर, डायबिटीज और हार्ट डिजीज का मुख्य कारण है। Food Chemistry और Journal of Nutritional Biochemistry 2024 के अपडेट के मुताबिक मोरिंगा की पत्तियों में क्वेरसेटिन (Quercetin) और क्लोरोजेनिक एसिड (Chlorogenic Acid) जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं।क्वेरसेटिन एक ऐसा एंटीऑक्सीडेंट है जो ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है, जबकि क्लोरोजेनिक एसिड खाने के बाद ब्लड शुगर का स्तर नॉर्मल होता है। ये दोनों मिलकर शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं। इन पत्तों को खाने से एजिंग प्रोसेस धीमा होता है।
ब्लड शुगर कंट्रोल में मददगार
सहजन के पत्तों में Isothiocyanate नाम का कंपाउंड पाया जाता है जो इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने में मदद करता है। डायबिटीज मरीज अगर रोज 5 ग्राम इस पाउडर को खा लें तो आसानी से ब्लड में शुगर के स्तर को कंट्रोल कर सकते हैं। ये पाउडर डायबिटीज और प्री-डायबिटीज और फैमिली हिस्ट्री वालों के लिए फायदेमंद है। मोरिंगा (सहजन) को Natural Insulin के रूप में देखा जा रहा है। टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। International Journal of Health Sciences 2024 तक के अपडेट के मुताबिक शोधकर्ताओं ने पाया कि भोजन के साथ मोरिंगा की पत्तियों के पाउडर का सेवन करने से खाने के बाद की शुगर में 20 से 30% की कमी आती है।
शरीर की सूजन (Inflammation) होती है कंट्रोल
बॉडी को बीमार करने में इंफ्लामेशन का अहम किरदार है। लंबे समय तक बॉडी में सूजन बनी रहने से हार्ट डिजीज, डायबिटीज, अर्थराइटिस और कैंसर का खतरा टलता है। बॉडी के अंदर की सूजन, जो नजर नहीं आती ये पत्तियां उसे कंट्रोल करती है। Phytotherapy Research 2024 के मुताबिक मोरिंगा की पत्तियों में आइसोथियोसाइनेट्स नामक मुख्य एंटी-इंफ्लेमेटरी कंपाउंड होता हैं। जो शरीर में सूजन पैदा करने वाले एंजाइम को सक्रिय होने से कंट्रोल करता है। ये ठीक वैसे ही काम करता है जैसे कोई दर्द निवारक दवाएं काम करती है। इन पत्तों को खाने से बॉडी में किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता।
कोलेस्ट्रॉल कम करने में हैं मददगार
रोज मोरिंगा का पाउडर खाने से बढ़ा हुआ कुल कोलेस्ट्रॉल कम होता है। ये पाउडर LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाता है। नसों में ब्लॉकेज और हार्ट अटैक का खतरा कम होता है। Journal of Ethnopharmacology और NIH (National Institutes of Health) की रिपोर्ट के मुताबिक मोरिंगा की पत्तियों में ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जो खून में मौजूद खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करते हैं।
मोरिंगा पाउडर कैसे और कितनी मात्रा में लें
- डॉक्टर के अनुसार रोजाना ½ चम्मच मोरिंगा पाउडर पर्याप्त है
- दिन में किसी भी समय लिया जा सकता है
- गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं
- आप इस पाउडर का सेवन जूस, छाछ, शहद या सलाद में मिलाकर भी कर सकते हैं।
- महंगे कैप्सूल या टैबलेट जरूरी नहीं
निष्कर्ष
- मोरिंगा लीव्स एक नेचुरल हेल्थ टॉनिक है
- लंबे समय तक सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है
- कई लाइफस्टाइल डिजीज से बचाव में मददगार
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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