सर्दियों का मौसम आते ही कई लोगों का वजन तेजी से बढ़ने लगता है। ठंड के दिनों में जहां शरीर की एक्टिविटी कम हो जाती है, वहीं भूख बढ़ने लगती है और हम खाना भी ज्यादा खाने लगते हैं। भूख और खाने के सेवन का सीधा असर कैलोरी बैलेंस पर पड़ता है। सर्दी में कैलोरी इनटेक बढ़ जाता है और कैलोरी बर्न कम हो जाता है, जिससे फैट शरीर में जमा होने लगता है। इतना ही नहीं, सर्दियों में हार्मोनल बदलाव भी वजन बढ़ने की एक बड़ी वजह बनते हैं। इस मौसम में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे नींद, आराम और खाने की इच्छा ज्यादा होती है।
ऐसे में वजन को कंट्रोल करने के लिए जरूरी है कि डाइट में कुछ ऐसे हेल्दी फूड शामिल किए जाएं, जो कम कैलोरी में ज्यादा फायदे दें। इन्हीं में से एक है मूली। सर्दी में वेट लॉस करने के लिए और सर्दी में होने वाली बीमारियों से बचाव करने के लिए मूली का सेवन बेहद असरदार साबित होता है। वेबएमडी की रिपोर्ट के अनुसार मूली की सभी किस्में सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं। आइए जानते हैं कि मूली का सेवन कैसे वजन को घटाने में असरदार साबित होता है।
मूली का सेवन कैसे वजन को घटाता है?
मूली में कार्बोहाइड्रेट और फैट की मात्रा बेहद कम होती है, जबकि फाइबर भरपूर होता है जो वजन घटाने में असरदार साबित होता है। । वैज्ञानिक डेटा के अनुसार 100 ग्राम कच्ची मूली में मात्र 16 से 19 कैलोरी होती है। Health.com और अन्य मेडिकल रिसर्च के मुताबिक जब आप मूली खाते हैं, तो आप अपना पेट तो भर लेते हैं लेकिन शरीर में कैलोरी बहुत कम जाती है, जिससे बॉडी में मोटापा नहीं बढ़ता। Netmeds और PubMed पर उपलब्ध शोध बताते हैं कि मूली में मौजूद बायो-एक्टिव कंपाउंड ‘एडिपोनेक्टिन'(Adiponectin) नामक हार्मोन को कंट्रोल करते हैं। यह हार्मोन शरीर में ग्लूकोज के स्तर और फैट को जलाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
journal of Food Science’ के अनुसार, उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ खाने से बार-बार होने वाली ‘हंगर पैंग्स’ कम होती हैं, जिससे आप अनहेल्दी स्नैकिंग से बच जाते हैं। मूली में लगभग 93-95% पानी होता है। शरीर को हाइड्रेटेड रखकर यह मेटाबॉलिज्म को सुचारू रखती है। रिसर्च के अनुसार अच्छी तरह हाइड्रेटेड रहने से शरीर की ऊर्जा खर्च करने की क्षमता बढ़ती है।
मूली का सेवन करने से पाचन होता है दुरुस्त
अगर मूली को सलाद के रूप में खाया जाए तो यह पाचन को दुरुस्त रखती है, पेट की सूजन कम करती है और बेली फैट घटाने में मदद करती है। जिन लोगों के पेट पर ज्यादा चर्बी जमा हो गई है, उन्हें मूली का जूस भी फायदा पहुंचा सकता है। पूरी सर्दी नियमित रूप से मूली का सेवन करने से वजन को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है और पाचन को दुरुस्त किया जा सकता है। मूली में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है। इससे कब्ज, गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है और आंतों की सेहत सुधरती है।
Journal of Agricultural and Food Chemistry’ के अनुसार, मूली का फाइबर आंतों की गति (Peristalsis) को तेज करता है, जिससे कब्ज (Constipation) की समस्या दूर होती है। मूली में अघुलनशील फाइबर (Insoluble Fiber) की मात्रा अधिक होती है। ये फाइबर मल (Stool) में बल्क जोड़ता है, जिससे यह आंतों के जरिए आसानी से गुजर पाता है।
मूली के सेहत के लिए फायदे
मूली शरीर से टॉक्सिन निकालने में मदद करती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की अंदरूनी सफाई करते हैं। पोटैशियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर मूली ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करती है, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा घटता है। मूली का नियमित सेवन इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। यह लिवर की सेहत को बेहतर बनाती है और लिवर से जुड़ी बीमारियों के खतरे को भी कम करती है। मूली में मूत्रवर्धक (Diuretic) गुण होते हैं, जो शरीर से अतिरिक्त पानी और टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करते हैं। इससे यूरिन इंफेक्शन में राहत मिलती है।
निष्कर्ष
अगर आप सर्दियों में बढ़ते वजन से परेशान हैं, तो मूली को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं। यह न सिर्फ वजन कंट्रोल करने में मदद करती है, बल्कि पाचन, इम्यूनिटी और हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है। कम कैलोरी, ज्यादा पोषण और कई हेल्थ बेनिफिट्स के साथ मूली वाकई सर्दियों की एक सुपर सब्जी है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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