सर्दी में ठंड ज्यादा लगती है और कंपकंपी से बार बार पेशाब भी आता है। कई बार तो ऐसा होता है कि एक-एक घंटे के अंतराल में ही यूरिन डिस्चार्ज होने लगता है। दिन में बार-बार पेशाब आए तो हम आलस के बावजूद जल्दी-जल्दी बाथरूम दौड़ते हैं लेकिन अगर यही स्थिति रात में रहे तो रात की नींद खराब होती है। अब सवाल ये उठता है कि सर्दी में दिन और रात में बार-बार यूरिन आना नॉर्मल है या कोई किडनी से जुड़ी बीमारी है।
अपोलो अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट और मेंस हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. आशीष सवल एक रोबोटिक सर्जन हैं जो पुरुषों में यौन स्वास्थ्य,प्रोस्टेट कैंसर और किडनी स्टोन के इलाज के एक्सपर्ट है, ने बताया सर्दी में अक्सर लोगों को पेशाब ज्यादा आता है, रात में भी लोग 3 से 4 बार पेशाब करने दौड़ते हैं। पेशाब के लगातार आने से खासकर रात के समय आने से लोगों को लगता है कि उनका ब्लैडर कमजोर हो गया है या फिर किसी तरह का कोई इंफेक्शन है या किडनी से जुड़ी कोई बीमारी है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि सर्दी में बार-बार पेशाब आना बीमारी है या फिर नॉर्मल है?
सर्दी में बार-बार पेशाब आना बीमारी है या फिर नॉर्मल है?
एक्सपर्ट ने बताया हर बार, बार-बार पेशाब आना किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। कई मामलों में ये शरीर की नेचुरल और प्रोटेक्टिव प्रतिक्रिया होती है। सर्दी में बार बार पेशाब आने के लिए तापमान बहुत मायने रखता है। जब बाहर का तापमान गिरता है, तो हमारा शरीर अपने आप डिफेंस मोड में चला जाता है। शरीर के अंदर एक सिस्टम होता है जिसे थर्मोरेगुलेटरी सिस्टम कहा जाता है, जो बॉडी टेम्परेचर को बैलेंस रखता है।
ठंड लगते ही स्किन के नीचे मौजूद ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं। इस प्रक्रिया को वैसो-कंस्ट्रक्शन कहते हैं। इसका मतलब ये है कि शरीर स्किन के पास से खून की सप्लाई कम कर देता है ताकि अंदर की गर्मी बाहर न जाए। जब स्किन में ब्लड फ्लो कम होता है, तो वही खून किडनी, लिवर और हार्ट जैसे अंदरूनी अंगों की तरफ ज्यादा जाता है। किडनी को जब ज्यादा खून मिलता है तो वो उसे ज्यादा फिल्टर करती है, जिससे यूरिन ज्यादा बनने लगता है। इसी प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में कोल्ड डायरेसीस (Cold Diuresis) कहा जाता है।
ठंड में ज्यादा पेशाब क्यों आता है?
- सर्दी में ज्यादा पेशाब आने के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते है जैसे
- शरीर अपनी गर्मी बचाने के लिए एक्स्ट्रा यूरिन बनाता है तो पेशाब ज्यादा आता है।
- ब्लड प्रेशर थोड़ा बढ़ने पर किडनी फ्लूइड बाहर निकालती है तो पेशाब के जरिए वो बाहर निकलता है।
- सर्दी में पसीना लगभग बंद हो जाता है, इसलिए शरीर में जमा पानी यूरिन के जरिए बाहर निकालता है। यही वजह है कि ठंड में, स्विमिंग पूल में उतरते ही या ठंडा पानी छूते ही पेशाब का प्रेशर महसूस होता है।
ज्यादा पेशाब आना नॉर्मल है या बीमारी?
- एक्सपर्ट ने बताया अगर आपको सिर्फ ठंड के मौसम में पेशाब ज्यादा आता है और पेशाब में किसी तरह की जलन, दर्द, खून नहीं आता तो 99% मामलों में यह बिल्कुल नॉर्मल होता है। लेकिन अगर ये लक्षण हर मौसम में हों जैसे
- रात में 3-4 बार उठना
- पेशाब में जलन या दर्द होना
- पेशाब रुक-रुक कर आना
- पेशाब में खून
- पेशाब कंट्रोल न रहना तो ये इन्फेक्शन, डायबिटीज, प्रोस्टेट की समस्या या किडनी से जुड़ी दिक्कत का संकेत हो सकता है।
सर्दी में पेशाब ज्यादा आने के लिए चाय, कॉफी और शराब है जिम्मेदार
सर्दी में चाय, कॉफी और शराब तीनों डाइयुरेटिक होते हैं, यानी ये फूड किडनी से ज्यादा पेशाब बनवाते हैं। ठंड के दिनों में जब इन फूड्स को ज्यादा मात्रा में लिया जाता है,तो ठंड और ये ड्रिंक्स मिलकर डबल असर डालते हैं।
कम पानी पीने पर भी बार-बार पेशाब क्यों?
ठंड में लोग अक्सर पानी कम पीते हैं, लेकिन इससे भी समस्या बढ़ सकती है। कम पानी पीने से यूरिन ज्यादा गाढ़ा हो जाता है, जो ब्लैडर की दीवार को इरिटेट करता है। इससे बार-बार पेशाब की फीलिंग आती है।
ब्रेन भी है पेशाब आने के लिए जिम्मेदार
जब सर्दी में ठंड ज्यादा महसूस होती है तो हमारे दिमाग का एक हिस्सा हाइपोथैलेमस एक्टिव हो जाता है जो हमारी किडनी और ब्लैडर को संकेत देता है और बॉडी में मौजूद टॉक्सिन को पेशाब के जरिए बाहर निकालने का संकेत देता है। यही वजह है कि ठंड लगते ही पेशाब का प्रेशर महसूस होता है। सर्दी में पेशाब आना बॉडी और माइंड के बीच का रियल कनेक्शन है।
बुजुर्गों में ज्यादा क्यों होती है समस्या?
बढ़ती उम्र में ब्लैडर की मसल्स कमजोर हो जाती है और उनकी कैपेसिटी भी कम हो जाती है जिससे बुजुर्गों को ज्यादा पेशाब आता है। अगर पहले से डायबिटीज या फिर प्रोस्टेट की परेशानी है या फिर ब्लड प्रेशर की दवाएं ले रहे हैं तो सर्दी में पेशाब ज्यादा आना आम बात है।
डॉक्टर के पास कब जाएं?
- अगर ठंड के साथ-साथ ये लक्षण हों, तो जांच जरूरी है:
- पेशाब में जलन या खून
- बहुत तेज प्रेशर
- पेशाब रुक-रुक कर आना
- पेशाब कंट्रोल न रहना
- रात में बार-बार उठते हैं तो आप तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
बीमारी का पता लगाने के लिए क्या करें?
पेशाब से जुड़ी बीमारी का पता लगाने के लिए आप सिंपल यूरिन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड करा सकते है। इन दोनों टेस्ट से ये साफ हो जाता है कि समस्या मौसम की है या किसी बीमारी की।
सर्दी में ब्लैडर को नॉर्मल रखने के लिए क्या करें
- शरीर को गर्म रखें, लेयर में कपड़े पहलें। पैरों में मोज़े पहनें।
- कैफीन और शराब का सीमित सेवन करें
- दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पिएं
- डायबिटीज है तो शुगर कंट्रोल रखें
- सोने से पहले वॉशरूम जरूर जाएं
- हल्की वॉक और स्ट्रेचिंग करते रहें
निष्कर्ष
ठंड में बार-बार पेशाब आना अक्सर शरीर की नेचुरल प्रतिक्रिया होती है, लेकिन हर बार इसे नजरअंदाज करना भी सही नहीं। शरीर कई बार मौसम के जरिए अंदर चल रही गड़बड़ी का संकेत देता है। अगर समस्या ज्यादा हो या लक्षण अलग हों, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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