डायबिटीज यानी मधुमेह की बीमारी एक मेटाबॉलिक डिसॉर्डर है, जो शरीर में इंसुलिन की कमी के कारण होती है। अनियमित खानपान, खराब जीवनशैली, तनाव, हार्मोन्स में असंतुलन, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और मोटापे के कारण आज लाखों-करोंडों लोग मधुमेह की बीमारी से जूझ रहे हैं। बता दें, इस बीमारी में पैन्क्रियाज यानी अग्नाश्य इंसुलिन हार्मोन का उत्पादन कम या फिर बंद कर देता है। इंसुलिन हार्मोन एक तरह का हार्मोन है, जो खून में मौजूद ग्लूकोज से मिलकर बॉडी को एनर्जी प्रदान करता है।

मधुमेह की बीमारी में ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित रूप से घटता-बढ़ता रहता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर बॉडी में शुगर की मात्रा अधिक हो जाए तो इसके कारण हार्ट अटैक, किडनी फेलियर, ब्रेन स्ट्रोक और मल्टीपल ऑर्गन फेलियर जैसी जानलेवा स्थिति का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा थकावट महसूस होना, आंखों की रोशनी धुंधली पड़ जाना, बार-बार पेशाब आना, अधिक प्यास लना, भूख में कमी आदि समस्याएं होती हैं।

इसलिए डायबिटीज की बीमारी से ग्रसित लोगों को अपना बल्ड शुगर लेवल कंट्रोल में रखना चाहिए है। दवाइयों के साथ-साथ घरेलू उपायों के जरिए भी ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

लहसुन: औषधीय गुणों से भरपूर लहसुन में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं, यह शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ ही सभी विषाक्त पदार्थों को भी दूर करने में मदद करता है। साथ ही लहसुन पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखता है। लहसुन में मौजूद होमोसिस्टीन खून में मौजूद ग्लोकूज के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करता है।

बाबा रामदेव भी डायबिटीज के मरीजों को ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रखने के लिए लहसुन के सेवन की सलाह देते हैं। उनके मुताबिक 100 ग्राम लहसुन के रस में प्याज का रस, नींबू और अदरक के रस को अच्छी तरह से मिलकर धीमी आंच पर पका लें। अब इसमें बराबर की मात्रा में शहद मिलाएं। योग गुरू के मुताबिक रोजाना इस काढ़े का एक चम्मच सेवन करना चाहिए। इससे ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसके अलावा यह हार्ट ब्लॉकेज से भी निजात दिलाता है।

बाबा रामदेव के मुताबिक डायबिटीज के मरीजों को किसी-न-किसी तरह अपनी डाइट में लहसुन को शामिल करना चाहिए। वह चाहें तो लहसुन की कली को चबाकर भी खा सकते हैं।