Side Effects of Too Much Fiber: हमारे शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए कई पोषक तत्वों की जरूरत होती है और उनमें फाइबर का अहम स्थान है। फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और पेट से जुड़ी कई समस्याओं को दूर रखने में मदद करता है। जिन लोगों की डाइट में पर्याप्त फाइबर होता है, उन्हें कब्ज, गैस, पेट दर्द और अपच जैसी दिक्कतें कम होती हैं। हालांकि, खराब लाइफस्टाइल भी इन समस्याओं की वजह बन सकती है, लेकिन यह तय है कि फाइबर पाचन को मजबूत करता है। इसके बावजूद आपने कई बार लोगों को कहते सुना होगा कि ज्यादा फाइबर खाने से पेट फूलने लगता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई फाइबर की अधिकता ब्लोटिंग का कारण बन सकती है? तो चलिए इस बारे में नोएडा सेक्टर 71 स्थित कैलाश अस्पताल की कंसल्टेंट डायटीशियन वंदना राजपूत से जानते हैं…
क्या ज्यादा फाइबर खाने से ब्लोटिंग हो सकती है?
डायटीशियन वंदना राजपूत के अनुसार, फाइबर भले ही सेहत के लिए जरूरी हो, लेकिन इसकी अधिकता भी नुकसान पहुंचा सकती है। एक्सपर्ट बताती हैं कि जरूरत से ज्यादा फाइबर लेने पर पेट से जुड़ी कई समस्याएं ट्रिगर हो सकती हैं। इसमें पेट में गैस बनना, भारीपन, पेट दर्द, डायरिया, डिहाइड्रेशन और मतली जैसी परेशानियां शामिल हैं। इतना ही नहीं, ज्यादा फाइबर का सेवन ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की समस्या भी बढ़ा सकता है।
अधिक फाइबर से ब्लोटिंग क्यों होती है?
एनसीबीआई में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, जब कोई व्यक्ति जरूरत से ज्यादा फाइबर लेता है, तो शरीर कुछ जरूरी पोषक तत्वों को ठीक से एब्जॉर्ब नहीं कर पाता। इसकी वजह यह है कि फाइबर कैल्शियम, आयरन और जिंक जैसे जरूरी मिनरल्स के साथ बाइंड हो जाता है। इससे मल ज्यादा भारी और सख्त हो जाता है। साथ ही, फाइबर पेट में जाकर सड़ने लगता है, जिससे गैस बनने लगती है और ब्लोटिंग की समस्या बढ़ जाती है। दिलचस्प बात यह है कि कई बार यही समस्या तब भी देखने को मिलती है, जब शरीर में फाइबर की कमी हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि हर व्यक्ति अपने फाइबर इनटेक पर ध्यान दे और संतुलन बनाए रखे।
कितना फाइबर लें?
हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और उसकी पाचन क्षमता भी अलग-अलग हो सकती है। किसी को ज्यादा फाइबर सूट करता है, तो किसी को कम। इसलिए यह समझना जरूरी है कि आपकी बॉडी कितनी मात्रा में फाइबर को आसानी से पचा पा रही है। अचानक बहुत ज्यादा फाइबर डाइट में शामिल करने से शरीर को एडजस्ट करने में परेशानी होती है और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
डाइट में फाइबर को कैसे शामिल करें?
अगर आपकी डाइट में अब तक फाइबर की मात्रा कम रही है, तो इसे धीरे-धीरे बढ़ाएं। शुरुआत में थोड़ी मात्रा में फाइबर युक्त फूड लें, ताकि शरीर को इसकी आदत पड़ सके। इसके साथ ही दिनभर खुद को हाइड्रेटेड रखना भी बहुत जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने से फाइबर पाचन में मदद करता है और कब्ज या ब्लोटिंग का खतरा कम होता है। इसके अलावा सेब, बीन्स और ओट्स जैसे फूड्स फाइबर के अच्छे स्रोत माने जाते हैं और इन्हें संतुलित मात्रा में डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
निष्कर्ष
फाइबर हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है, लेकिन हर अच्छी चीज की तरह इसकी भी एक सीमा होती है। जरूरत से ज्यादा फाइबर लेने पर पेट में गैस, भारीपन और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए फाइबर का सेवन संतुलित मात्रा में करना सबसे बेहतर है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
