सर्दियों के मौसम में सर्दी, खांसी, जुकाम और गले में खराश जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में अगर आप भी बार-बार नाक बहने, खांसी या थकान से परेशान हैं, तो मशहूर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का बताया एक देसी नुस्खा आपके काम आ सकता है। दरअसल, दिलजीत ने सोशल मीडिया पर बेसन का शीरा बनाने की रेसिपी साझा की, जिसे वे खुद सर्दियों में फिट और हेल्दी रहने के लिए इस्तेमाल करते हैं। तो आइए जानते हैं इसके बारे में…

क्या है बेसन का शीरा?

बेसन का शीरा एक पारंपरिक पंजाबी घरेलू नुस्खा है, जिसे खासतौर पर सर्दियों में बनाया जाता है। इसे घी में बेसन भूनकर, दूध और गुड़ मिलाकर तैयार किया जाता है। दिलजीत दोसांझ के अनुसार, इस शीरे को रात में सोने से पहले गर्म-गर्म खाने से गले और नाक की जलन में आराम मिलता है। यह शरीर को अंदर से गर्म रखता है और सर्दी-खांसी में राहत देता है।

डॉक्टर ने बताए इसके फायदे

इंडियन एक्सप्रेस डॉट कॉम ने इस देसी नुस्खे के फायदे जानने के लिए न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉ. यशवंत कुमार से बात की। डॉ. कुमार ने बताया कि इस रेसिपी में इस्तेमाल होने वाली हर चीज का शरीर पर अलग-अलग असर होता है और मिलकर ये शरीर को सुकून देती हैं।

बादाम

बादाम में हेल्दी फैट, प्रोटीन और विटामिन ई भरपूर मात्रा में होता है। यह शरीर को ऊर्जा देता है और कमजोरी दूर करने में मदद करता है। हालांकि बादाम सीधे तौर पर नाक बंद या खांसी ठीक नहीं करता, लेकिन बीमारी के दौरान शरीर को पोषण जरूर देता है।

घी

घी गले की जलन और खराश को शांत करने में मदद करता है। यह गले की अंदरूनी परत को चिकनाई देता है, जिससे सूखापन और जलन कम होती है। सर्दी-खांसी में घी का सेवन पुराने समय से फायदेमंद माना जाता रहा है।

बेसन

बेसन में विटामिन बी1 और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह सीधे तौर पर सर्दी-खांसी की दवा नहीं है, लेकिन बीमारी के दौरान होने वाली थकान और कमजोरी को कम करने में मदद कर सकता है।

दूध

दूध शरीर को आराम देता है। जब इसे घी और हल्के मसालों के साथ लिया जाता है, तो यह बलगम को ढीला करने और अच्छी नींद लाने में मदद करता है। सर्दी के समय गर्म दूध शरीर को अंदर से गर्म रखता है।

हल्दी

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। यह गले की सूजन कम करने और इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है। सर्दी-खांसी में हल्दी वाला दूध पहले से ही काफी लोकप्रिय है।

काली मिर्च

काली मिर्च हल्दी के गुणों को शरीर में अच्छे से अवशोषित करने में मदद करती है। इसके अलावा, यह गले की खराश को शांत करने और बैक्टीरिया से लड़ने में भी सहायक है।

इलायची और अदरक

इलायची आयुर्वेद में सांस से जुड़ी समस्याओं के लिए इस्तेमाल की जाती है। यह पाचन को भी बेहतर बनाती है। वहीं अदरक में सूजन कम करने और खांसी दबाने वाले गुण होते हैं, जो गले को राहत देते हैं।

केसर और गुड़

केसर सीधे तौर पर खांसी ठीक नहीं करता, लेकिन यह शरीर को गर्माहट देता है। गुड़ मीठा होने के साथ-साथ गले को सुकून देता है और बलगम साफ करने में मदद कर सकता है।

क्या यह सर्दी-खांसी का इलाज है?

डॉ. यशवंत कुमार के अनुसार, यह नुस्खा सर्दी-खांसी का कोई पक्का या वैज्ञानिक इलाज नहीं है। यह सिर्फ लक्षणों से अस्थायी राहत देता है और शरीर को आराम पहुंचाता है। अगर सर्दी-खांसी ज्यादा बढ़ जाए या लंबे समय तक रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, दिलजीत दोसांझ का बताया बेसन का शीरा एक साफ-सुथरा और पारंपरिक देसी नुस्खा है, जो सर्दियों में शरीर को गर्म रखने, गले को सुकून देने और आरामदायक नींद लाने में मदद कर सकता है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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