अगर ब्रश करते समय या कुछ खाते हुए आपके मसूड़ों से खून आ जाता है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अक्सर लोग इसे मामूली समस्या समझकर टाल देते हैं, लेकिन हकीकत में यह आपकी ओरल हेल्थ ही नहीं, बल्कि पूरी सेहत से जुड़ा संकेत हो सकता है। मसूड़ों से खून आना यह बताता है कि या तो मुंह की सफाई ठीक से नहीं हो रही है या फिर शरीर के अंदर कोई गड़बड़ी चल रही है। समय रहते इसका सही इलाज जरूरी है, वरना आगे चलकर दांतों की कमजोरी, पायरिया और दूसरी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
क्या कहता है आयुर्वेद?
आयुर्वेद के अनुसार, मुंह और दांतों की स्थिति पूरे शरीर की सेहत को दर्शाती है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट जीतूंचदन बताती हैं कि मसूड़ों से खून आना शरीर में दोषों के असंतुलन का संकेत हो सकता है। आयुर्वेद में तीन मुख्य दोष माने गए हैं – वात, पित्त और कफ। जब इनमें से कोई भी दोष बिगड़ता है, तो उसका असर मुंह और दांतों पर साफ नजर आने लगता है।
कौन-सा लक्षण किस दोष की ओर इशारा करता है?
अगर आपके मुंह में बार-बार बलगम बनता है या दांतों पर ज्यादा प्लाक जम जाता है, तो यह कफ दोष के बढ़ने का संकेत हो सकता है। सूखे और फटे होंठ, दांतों में दर्द या कैविटी होना वात दोष के असंतुलन से जुड़ा माना जाता है। वहीं मुंह में छाले, मसूड़ों से खून आना और दांतों में झनझनाहट पित्त दोष के बिगड़ने का संकेत है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मसूड़ों से खून आना खासतौर पर पित्त और कफ दोष के असंतुलन से जुड़ा होता है।
मसूड़ों से खून आना क्यों है खतरनाक?
मसूड़ों से खून आना सिर्फ एक लोकल प्रॉब्लम नहीं है। यह दांतों की जड़ों के कमजोर होने, पायरिया, संक्रमण और यहां तक कि इम्यून सिस्टम की कमजोरी की ओर भी इशारा कर सकता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो दांत हिलने लगते हैं और आगे चलकर दांत गिरने तक की नौबत आ सकती है। इसलिए शुरुआत में ही सही उपाय अपनाना बेहद जरूरी है।
आयुर्वेद में आंवला क्यों है रामबाण?
आयुर्वेद में आंवला को एक शक्तिशाली औषधि माना गया है। यह मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने और सूजन को कम करने में मदद करता है। आंवला पित्त दोष को शांत करता है और मसूड़ों को मजबूत बनाता है। यही वजह है कि मसूड़ों से खून आने की समस्या में आंवला को बेहद असरदार माना जाता है।
मसूड़ों से खून आए तो आंवला का ऐसे करें इस्तेमाल
अगर आपको ब्रश करते समय या खाना खाते हुए मसूड़ों से खून आता है, तो आंवला का यह आसान उपाय अपनाया जा सकता है। सबसे पहले एक छोटे बाउल में 1 चम्मच शुद्ध आंवला पाउडर लें। इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा और स्मूद पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को उंगलियों के पोरों पर लेकर बहुत हल्के हाथों से मसूड़ों पर गोल-गोल घुमाते हुए मसाज करें। ध्यान रखें कि दबाव ज्यादा न हो। मसाज के बाद पेस्ट को 2 से 3 मिनट तक मसूड़ों पर लगा रहने दें, ताकि मसूड़े इसमें मौजूद पोषक तत्वों को अच्छी तरह सोख सकें। इसके बाद गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें।
ओरल हेल्थ के लिए आंवला के फायदे
आंवला दांतों और मसूड़ों को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह मुंह को प्राकृतिक रूप से साफ रखता है और दांतों व मसूड़ों की बीमारियों से बचाव करता है। आंवला में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कोशिकाओं को स्वस्थ रखते हैं और फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं। इसके एंटीबैक्टीरियल और एस्ट्रिंजेंट गुण मसूड़ों की सूजन को कम करने में काफी कारगर होते हैं।
मसूड़ों के लिए आंवला ही क्यों सबसे असरदार?
आंवला विटामिन सी का भंडार है और मसूड़ों से खून आने का एक बड़ा कारण विटामिन सी की कमी भी होती है। आंवले के एस्ट्रिंजेंट गुण ढीले मसूड़ों में कसावट लाते हैं और सूजन को कम करते हैं। साथ ही यह मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है, जिससे कैविटी और पायरिया जैसी समस्याओं का खतरा कम हो जाता है।
45 दिन में दिख सकता है साफ असर
अगर आप 45 दिनों तक आंवला के इस नेचुरल उपाय को अपने डेली रूटीन में शामिल करते हैं, तो आपकी ओरल हेल्थ में साफ सुधार देखने को मिल सकता है। मसूड़ों से खून आना कम होगा, सूजन घटेगी और दांत पहले से ज्यादा मजबूत महसूस होंगे। साथ ही, मुंह की दुर्गंध और संक्रमण से भी राहत मिलेगी।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
