रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी और टीवी रेटिंग एजेंसी बार्क (BARC) के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता के बीच कथित व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सियासी घमासान मच गया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में अर्नब गोस्वामी और सरकार पर निशाना साधा है। अब इस मामले में एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार ने भी अपने प्राइम टाइम शो में अर्नब गोस्वामी और सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
अपने शो- प्राइम टाइम में रवीश कुमार ने कहा, ‘इसी बातचीत के एक हिस्से में अर्नब गोस्वामी पार्थो दासगुप्ता से पाकिस्तान पर हमले की बात कर रहे हैं। इसे लेकर विवाद हो गया है, बवाल नहीं हुआ है क्योंकि बवाल तो आईटी सेल के सक्रिय होने के बाद होता है। ये बातचीत कोई मामूली नहीं है, चुप्पी इतनी है कि आमतौर पर अर्नब के पक्ष में ट्वीट करने वाले सरकार के मंत्री भी अर्नब के लिए ट्वीट नहीं कर रहे हैं, प्रो-अर्नब नहीं हो रहे हैं। अगर वो देश के लिए ट्वीट नहीं कर सकते तो कम से कम उन्हें अर्नब के लिए तो ट्वीट करना चाहिए।’
रवीश कुमार आगे कहते हैं,’पत्रकारों के सवाल और राहुल गांधी के बयान के कारण यह बताना जरूरी हो जाता है कि व्हाट्सएप चैट में अर्नब गोस्वामी कथित तौर पर क्या बात कर रहे हैं। 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना पाकिस्तान के बालाकोट में हमला करती है, देश को ऐसे बताया जाता है कि गुप्त मिशन था और पहली बार पता चला है हमले के बाद, जब मिशन पूरा हो जाता है। लेकिन अर्नब गोस्वामी को ये सूचना तीन दिन पहले से थी और वो इस बारे में पार्थो दासगुप्ता से बात कर रहे थे। अर्णब गोस्वामी 23 फरवरी को ये चैट कर रहे थे।’
इसके बाद रवीश कुमार ने अर्नब गोस्वामी की चैट का हिस्सा और राहुल गांधी का बयान दिखाया। कहा, ‘राहुल गांधी ने अर्नब गोस्वामी को मिस्टर अर्नब गोस्वामी कहा, अर्नब गोस्वामी अपने शो में राहुल गांधी का नाम कैसे लेते हैं आपको पता होगा और बहुत को अच्छा भी लगता होगा।”
रवीश कुमार आगे कहते हैं, ‘बहरहाल व्हाट्सएप चैट में जो बातचीत हो रही है वो महज संयोग नहीं लगती है, तीन दिन बाद हमला होता है और उसी तरह तीन दिन पहले कश्मीर के बारे में उन्हें पता है।’ रवीश ने अपने शो में कहा, ‘एक मिनट के लिए जरा सोचिए अगर व्हाट्सएप चैट से यह जानकारी दुश्मन के हाथ लग जाती तो कितना बड़ा संकट आ सकता था। सीमित हमले की योजना व्यापक हमले में बदल सकती थी और फिर कुछ भी हो सकता था।’
