पांच राज्यों के चुनाव में उठापटक का सिलसिला जारी है। कभी झटका बीजेपी को लगता है तो कभी दूसरी पार्टियों को। ताजा घटनाक्रम में चुनाव से पहले नितिन अग्रवाल ने यूपी विधानसभा उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही समाजवादी पार्टी की सदस्यता से भी नितिन ने इस्तीफा दे दिया। उधर, देश के पहले सीडीएस दिवंगत जनरल बिपिन रावत के भाई कर्नल (सेवानिवृत्त) विजय रावत उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले बुधवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।
नितिन अग्रवाल ने आज विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को पत्र भेजकर इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि वो सदन से इस्तीफा दे रहे हैं। नितिन अग्रवाल वरिष्ठ भाजपा नेता नरेश अग्रवाल के पुत्र हैं। उन्होंने वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी से टिकट पर हरदोई से लड़ा था और विधायक चुने गए थे। हाल ही में भाजपा से नितिन अग्रवाल को विधानसभा उपाध्यक्ष के लिए नामित किया गया था। वो काफी पहले ही भाजपा से नजदीकियां बढ़ाने में जुट गए थे। माना जा रहा है कि वो बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
उधर, कर्नल विजय रावत ने देहरादून के भाजपा मुख्यालय में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। विजय रावत ने कहा कि भाजपा का काम करने का तरीका बहुत प्यारा है। यही एक पार्टी है जो वास्तव में देश का भला करना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सोच भी बहुत अच्छी है। रावत ने कहा कि वह बहुत दिनों से भाजपा से जुड़ने की सोच रहे थे लेकिन अब उन्हें यह अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उनके पिता भी भाजपा के ही साथ थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी दूरदृष्टि अद्भुत है और सोच बहुत आगे की है। वो लीक से हटकर हैं। उन्होंने कहा कि उनके काम देश को आगे ले जाने के लिए हैं। यही एक बहुत बड़ी चीज है, जो हमें भाजपा से जुड़ने के लिए प्रेरणा देती है। कर्नल रावत का भाजपा में स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनरल विपिन रावत उत्तराखंड के गौरव थे। ध्यान रहे कि पिछले साल तमिलनाडु में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जनरल विपिन रावत और उनकी पत्नी सहित कई अन्य सैन्यकर्मियों का निधन हो गया था।
