ऑल इण्डिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के लिए नई रणनीति बनाने में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि ओवैसी उत्तर प्रदेश का रुख कर सकते हैं। बीते दिनों राज्य में हुए सपा और बसपा गठबंधन में के बाद एआईएमआईएम भी अपने वोट को ध्यान में रख ओवैसी यहां से लड़ सकते हैं।

एआईएमआईएम की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शौकत अली ने न्यूज़ 18 से बातचीत में बताया कि, पार्टी राज्य की 80 लोकसभा सीट में से 50 पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। इसमें से एक सीट पर असदुद्दीन ओवैसी भी लड़ सकते हैं। हालांकि शौकत अली ने यह नहीं बताया कि ओवैसी अपने लिए कौन सी सीट चुनेंगे। साथ ही उन्होंने प्रदेश में बीते दिनों हुए सपा-बसपा गठबंधन पर निशाना साधा।

शौकत अली ने आरोप लगाते हुए कहा कि, यहां मुस्लिम लीडरशिप को अछूत समझा जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि, दोनों ही पार्टियों के कार्यकाल में मुस्लिम पीड़ित ही था। उन्होंने गठबंधन में राष्ट्रीय लोक दल को हिस्सेदारी देने पर भी सवाल उठाए। शौकत अली ने कहा, ‘लोकसभा चुनाव के लिए सपा और बसपा ने 4 प्रतिशत जाट वोट बैंक पर पकड़ रखने वाली आरएलडी को हिस्सेदारी दी। हालांकि राज्य में बड़ी संख्या में रह रहे 22 फीसदी मुसलमानों के बारे में कुछ भी नहीं सोचा’।

एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, हम पर भाजपा की बी टीम होने होने का आरोप लगता है। लेकिन हम कहने वालों से बता दें कि, तेलंगाना में बीजेपी खिलाफ हम लड़े और बी टीम ने ही उसका सफाया कर दिया। उत्तर प्रदेश में बसपा मुखिया मायावती ने दो बार भाजपा के साथ मिलकरसरकार बनाई। नरेंद्र मोदी के लिए गुजरात में चुनाव प्रचार किया। फैसला आप करिए बीजेपी की बी टीम कौन है।