Lok Sabha Election 2019: मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार में सत्ता सुख भोग चुके कम्प्यूटर बाबा लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ हैं। उन्होंने 7 मई को भोपाल में कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के लिए अनुष्ठान शुरू कराया। इसके तहत 7000 साधु तीन दिन तक हठयोग करेंगे। बीजेपी प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का कहना है कि साधुओं को पैसे का लालच देकर इकट्ठा कराया गया है। एक साधु ने मीडिया से बातचीत में भी माना कि उन्हें सौ से 5000 रुपए के बीच दक्षिणा की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘दक्षिणा तो सौ से 5000 रुपए तक है, लेकिन देखिए क्या मिलता है। यहां तो 12 बजे तक भोजन की पंगत लग जानी चाहिए थी, पर एक बजे तक खाने का कुछ पता नहीं है।’
बताया जा रहा है कि साधुओं को सनातन धर्म के नाम पर बुलाया गया है लेकिन उन्हें हठयोग में लगा दिया गया है। वे तीन दिन तक दिग्विजय की जीत के लिए धूनी रमाए रहेंगे। भाजपा सरकार में मंत्री पद का दर्जा पाने वाले कंप्यूटर बाबा इस आयोजन के अगुवा हैं। उन्होंने कहा कि दिग्विजय भाजपाइयों से सौ गुणा बेहतर हैं। वे हमें सीएम रहते भी सम्मान देते थे और आज भी देते हैं। भोपाल में बीजेपी ने मालेगांव धमाके की आरोपी साध्वी प्रज्ञा को उम्मीदवार बनाया है। माना जा रहा है कि साधुओं को जुटाकर दिग्विजय साधु समाज का समर्थन दिखाना चाहते हैं। 7 मई को उन्होंने पत्नी अमृता के साथ हवन किया। फिर, दोनों ने कंप्यूटर बाबा का आशीर्वाद लिया।
कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि यह धर्म और अधर्म की लड़ाई है। प्रज्ञा सिंह ने इसे धोखा और पैसों के बल पर जुटाई भीड़ करार दिया। हालांकि इस भीड़ से उन्हीं नारों की जयकार सुनाई दे रही थी जो भाजपा खेमे में लगते हैं- जय श्रीराम। लेकिन, इसके साथ ही यह सवाल भी उठा कि क्या मतदान से चार दिन पहले दिग्विजय सिंह साध्वी प्रज्ञा की हिन्दूवादी छवि की काट इस अंदाज में करना चाहते हैं? जवाब 23 मई को मिलेगा।
