आधिकारिक तौर पर कांग्रेस में शामिल होने वाले पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने सोमवार (18 मार्च, 2019) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर खूब निशाना साधा। हार्दिक ने कहा कि गुजरात वह मॉडल राज्य नहीं था जिसे भाजपा ने 2014 के संसदीय चुनाव में जीतने के लिए चित्रित किया था क्योंकि राज्य में बेरोजगारी थी और किसान आत्महत्या कर रहे थे। पाटीदार नेता ने आरोप लगाया कि मोदी और शाह नहीं चाहते कि बाहरी (गुजरात के बाहर के लोग) लोग इस बात की सच्चाई जानें की गुजरात में 55 लाख युवा बेरोजगार हैं। गुजरात में हर रोज एक किसान आत्महत्या कर रहा है।

पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) के नेता ने फेसबुक लाइव के जरिए आगे कहा कि गुजरात मॉडल के बारे में बात करके, उन्होंने चुनाव जीता और दिल्ली (केंद्र) में सरकार बनाई। मगर गुजरात मॉडल राज्य नहीं है। राज्य में 400 लड़कियां रोजाना गायब हो रही हैं। ये आधिकारिक आंकड़ें हैं। मगर मोदी फिर भी कहेंगे कि वो चौकीदार हैं। पाटीदार नेता ने केंद्र सरकार पर चुनाव के समय बेरोजगारी, कृषि संकट आदि के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए राष्ट्रवाद को एक मुद्दा बनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि करीब साढ़े चार साल पहले एक यूनिवर्सिटी देश में खुली जो राष्ट्रवाद का प्रमाणपत्र जारी करती है। सरकार से सवाल पूछने वालों को राष्ट्रद्रोही करार दिया जाता है। देश के नागरिकों को राष्ट्रद्रोही कहना भारत मां का अपमान है।

हार्दिक ने राष्ट्रवाद से रोजमर्रा के मुद्दों पर ध्यान वापस लाने की मांग करते हुए कहा, ‘जिनका वादा किया गया वो दो करोड़ नौकरियां कहा हैं? कितने लोगों को उनके बैंक खातों में 15 लाख रुपए मिले? क्या भाजपा विदेशों से कालाधन वापस लाई? नहीं, वो (भाजपा) अपना वादा नहीं निभा सके। इसलिए वो राष्ट्रवाद के मुद्दों को उठाकर लोगों को धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं।’ हार्दिक ने गुजरात की भाजपा सरकार पर उनके खिलाफ राजद्रोह के दो झूठे मामले दर्ज करने का भी आरोप लगाया ताकि चुनाव लड़ने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि वो भाजपा से डरते नहीं हैं। वो (भाजपा) लोगों को डराना और शासन करना चाहती है। मगर हम (जनता) भयभीत नहीं होंगे। हम उनसे सवाल पूछेंगे और शेरों की तरह उनका मुकाबला करेंगे।