2019 लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने में अभी समय है लेकिन राजनीतिक पार्टियां पूरी तैयारी के साथ सारे चुनावी हथकंडे अपनाने से पीछे नहीं हट रही हैं। कांग्रेस ने इस बार पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान प्रियंका गांधी को दी है।
प्रियंका इन दिनों लखनऊ और आस-पास के क्षेत्र में कार्यकर्ताओं से रुबरू हो रही है। प्रियंका गांधी इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं की पूरी जानकारी लेने में जुटी हुई हैं। बैठक के दौरान प्रियंका ने कार्यकर्ताओं से उनकी जाति और उपजाति भी पूछी।
प्रियंका गांधी कार्यकर्ताओं से विवरण फॉर्म में नाम, पता, व्यवसाय, आयु, शिक्षा, मोबाइल नंबर और ईमेल के विवरण के मांग जा रहे हैं यही नहीं उनसे पूछा जा रहा है कि वह पार्टी में किस पद पर रहे हैं। इसके साथ ही क्या वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। अगर हां तो उसका भी ब्योरा मांगा गया है। फॉर्म में यह भी पूछा गया है कि क्या उस कार्यकर्ता ने कभी कोई चुनाव लड़ा है अगर हां तो फिर वह कब और किस पद के लिए चुनाव लड़ा है यह भी बताना है।

लीडरशीप नहीं तैयार होने पर सवाल
प्रियंका ने बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं से पूछा कि लखनऊ में लीडरशिप क्यों तैयार नहीं हुई। इसपर लोगों ने जवाब दिया कि हर बार कोई ना कोई बाहरी उम्मीदवार चुनाव लड़ता है और चुनाव लड़कर वापस चला जाता है। इससे संगठन के लोग निराश हो जाते हैं।इस दौरान लोगों ने गुहार लगाई की इस बार उम्मीदवार कोई स्थानीय का कांग्रेस लीडर ही हो ।
पदाधिकारी से पूछा बूथ संख्या
प्रियंका से मिलने आए एक पदाधिकारी से उन्होंने उसकी बूथ संख्या पूछ दी जिसके बाद वह शख्स बगलें झांकता नजर आया। कुछ देर इधर-उधर करने के बाद पदाधिकारी ने जवाब दिया, जी याद नहीं। इसके बाद प्रियंका ने अगला सवाल किया -पिछला कार्यक्रम क्या किया था? इस पदाधिकारी ने कार्यक्रम का नाम बताया तो प्रियंका ने कार्यक्रम की डिटेल मांग ली। डिटेल देखकर उन्होंने कहा कि यह तो एक साल पहले कार्यक्रम किया था। इसके बाद क्या कार्यक्रम किया। इसपर पदाधिकारी ने कहा कि दिल्ली से जो कार्यक्रम आता है वही करते हैं। इस बाद प्रियंका ने साफ शब्दों में सुनाते हुए उनसे पूछा आपकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है।

