Kanpur Encounter News: कानपुर एनकाउंटर मामले में यह बात भी सामने आई है कि घटना से 2 दिन पहले गैंगस्टर विकास दुबे ने चौबेपुर के SO विनय तिवारी को जमकर पीटा भी था। बताया जा रहा है कि विनय तिवारी की मौजूदगी में ही विकास दुबे ने राहुल तिवारी को भी पीटा था। विनय तिवारी ने जब बीच-बचाव का प्रयास किया तो उनका मोबाइल छीनकर विकास दुबे ने उनके साथ अभद्रता और मारपीट की। विकास और एसओ के बीच हाथापाई भी हो गई थी जिसके बाद पुलिस लौट आई।
यहां आपको बता दें कि इस एनकाउंटर में 8 पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद कानपुर के चौबेपुर के प्रभारी रहे विनय तिवारी को विकास दुबे के घर पर दबिश में शिथिलता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पुलिस महानिरीक्षक, कानपुर, मोहित अग्रवाल ने बताया कि विनय तिवारी को पुलिस की छापेमारी के बारे में गैंगस्टर को पकडऩे के स्थान पर सूचना देने के संदेह पर निलंबित कर दिया गया है। आईजी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया जाएगा।
विकास दुबे द्वारा एसओ विनय तिवारी की पिटाई करने की बात सामने आने के बाद आईजी ने कहा कि विकास दुबे के हाथों मार खाने के बाद विनय तिवारी ने इसकी जानकारी किसी भी अन्य पुलिसकर्मी को नहीं दी थी। अब एसटीएफ को अनुमान है कि पुलिस टीम के विकास दुबे के घर पर दबिश की तैयारी को चौबेपुर थानाध्यक्ष रहे विनय तिवारी ने ही लीक किया था।
विनय तिवारी ही बुधवार को राहुल तिवारी की शिकायत पर विकास दुबे के गांव बिकारू गए थे और इसके बाद गुरुवार को पुलिस ने राहुल तिवारी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली और उसके बाद विकास को पकडऩे के लिए सीओ बिल्हौर के नेतृत्व में दबिश के लिए ऑपरेशन तैयार किया गया।
मोहित अग्रवाल ने कहा कि थानाध्यक्ष की भूमिका उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि के प्रतिकूल है। विनय तिवारी मुठभेड़ के दौरान वहां से भाग खड़े हुए और एक भी गोली इनके द्वारा नहीं चलाई गई थी जबकि डिप्टी एसपी तथा अन्य पुलिसकर्मी अपाधियों के बीच घिरे हुए थे। इसीलिए इनको निलंबति किया जा रहा है। आईजी ने कहा कि जांच के बाद एसओ पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
एसटीएफ ने चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय तिवारी को हिरासत में लिया है, जबकि वहां कृष्णा मोहन राय को इंस्पेक्टर का चार्ज दिया गया है। विकास दुबे की तलाश के लिए कानपुर में पुलिस ने 500 से अधिक मोबाइल नंबर को ट्रेस करने के लिए सर्विलांस पर लगा दिया है।

