कभी वो दुपट्टा ओढ़ कर आरोपी को धर लेते तो कभी बिना हेल्मेट बाइक चला रहे लोगों की मोटरसाइकिल के सामने निडरता से खड़े हो जाते। बिना लाइसेंस दारू की दुकानें चला रहे दुकानदारों की धर-पकड़ और ऐसे कितने ही बड़े कारनामों को अंजाम देने की वजह से ही आईपीएस अफसर शिवदीप वामन लांडे की गिनती सुपर कॉप के तौर पर होती है। कहा जाता है कि बिहार की राजधानी पटना में जब शिवदीप लांडे की पोस्टिंग हुई तो वो अपराधियों और गैरकानूनी काम करने वालों पर कहर बनकर टूटे।
महाराष्ट्र के अकोला के रहने वाले शिवदीप लांडे के घर की हालत ज्यादा अच्छी नहीं थी। गरीबी में जीवन बसर करने वाले शिवदीप लांडे ने मेहनत और लगन से पढ़ाई-लिखाई की। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के बाद लेक्चरार भी बने और फिर IRS में हो गया। छात्र जीवन में मेधावी का तमगा रखने वाले शिवदीप लांडे इसके बाद परीक्षा देकर पुलिस सेवा में आ गये औऱ साल 2006 में कैडर मिला बिहार।
लड़कियों को बांटा नंबर
बिहार में शिवदीप लांडे के नाम कई कारनामे दर्ज हैं। खासकर सड़क छाप लफंगों पर इनकी सख्ती ने कॉलेज और स्कूल की लड़कियों के बीच इनकी छवि हीरो की बना दी थी। मनचलों को सबक सिखाने और लड़कियों को मदद के लिए किसी भी समय उपलब्ध रहने के लिए उन्होंने अपना निजी मोबाइल नंबर लड़कियों के बीच बांट दिया। नतीजा यह हुआ कि राजधानी की सड़कों से मनचलों का धीरे-धीरे सफाया हो गया क्योंकि एक शिकायत पर शिवदीप लांडे खुद मनचलों को सबक सिखाने पहुंच जाया करते थे।
जान हथेली पर ले माफियाओं से भिड़े
शिवदीप लांडे को अपराधियों से सीधे लोहा लेने के लिए जाने जाते हैं। यहीं वजह है कि जब बिहार के रोहतास में वो पुलिस कप्तान की भूमिका में थे तब अवैध खनन माफियों से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। माइनिंग माफियाओं पर कार्रवाई करने के लिए शिवदीप अवैध खनन की मशीनें जब्त करने निकले थे और अचानक अपराधियों ने उनपर फायरिंग कर दी। बहादुर आईपीएस अफसर ने अपनी जान की परवाह किये बिना डटकर माफियाओं का सामना किया। कहा जाता है कि करीब 30 राउंड फायरिंग उस दौरान हुई थी। बाद में शिवदीप ने खुद जेसीबी मशीन संभाली और अवैध खनन के सारे जुगाड़ को तहस-नहस कर दिया। इस दौरान 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
अररिया मनरेगा घोटाला, मुंबई में देह व्यापार की मंडी पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, कॉस्मेटिक दुकान में नकली सामानों का भंडाफोड़, अररिया-नेपाल सीमा पर तस्करों पर लगाम, बिहार में बैंक में हुई चोरी का खुलासा और ऐसे ही ना जाने कितने बड़े अपराध पर लगाम लगाने का श्रेय इस साहसी आईपीएस अफसर को जाता है।
सहरसा जिले में डॉक्टरों के लिए आतंक बन चुके संतोष यादव को शिवदीप लांडे के नेतृत्व वाले एसटीएफ ने धर दबोचा था और यह उनकी बड़ी उपलब्धियों में से एक है। 10 साल तक बिहार के अलग-अलग जिलो में अपनी सेवा दे चुके शिवदीप लांडे दूरदर्शी सोच वाले इंसान माने जाते हैं। शिवदीप लांडे को बहरूपिया बनकर भी आरोपियों को दबोचने के लिए जाना जाता है।
दुपट्टा पहन आरोपी को पकड़ा
जनवरी, 2015 में शिवदीप पटना के डाक बंगला चौराहे पर घूस मांग रहे इंस्पेक्टर सर्वचंद को फिल्मी अंदाज में दुपट्टा ओढ़कर पकड़ने के मामले में चर्चा में आए थे। यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सर्वचंद पर आरोप था कि वह पटना के दो व्यापारी भाइयों से एक पुराने केस को खत्म करने के लिए पैसे मांग रहे थे। इन दोनों भाइयों ने इसकी जानकारी तत्कालीन एसपी शिवदीप लांडे को दी। इसके बाद लांडे भेष बदलकर टी-शर्ट पहने और सर पर दुपट्टा लपेटे इंस्पेक्टर सर्वचंद का डाक बंगला चौराहे पर इंतजार करने लगे।
सर्वचंद जैसे ही घूस का पैसा लेने के लिए वहां पहुंचे, शिवदीप ने उन्हें अरेस्ट कर लिया। हालांकि, सबूतों के अभाव में थोड़ी ही देर में सर्वचंद्र को छोड़ भी दिया गया। शिवदीप अपनी दबंग स्टाइल की वजह से युवाओं के बीच खासे फेमस हैं। यूथ उन्हें ‘दबंग’ और ‘सिंघम’ नाम से बुलाते हैं। काम करने की उनकी शैली की वजह से लोग उन्हें सलमान खान की मशहूर फिल्म दबंग का ‘चुलबुल पांडे’ भी कहते हैं।
कहा जाता है कि एक दोस्त के घर आयोजित पार्टी में शिवदीप लांडे की मुलाकात ममता नाम की लड़की से हुई थी और यह मुलाकात फिर प्यार में बदल गई। दोनों ने 2 फरवरी 2014 को शादी रचाई थी।

