इधर उत्तर प्रदेश की राजधानी में CM योगी आदित्यनाथ के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के जरिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ब्राह्मणों का रक्षक बताया गया है। बताया जा रहा है कि ये पोस्टर हजरतगंज इलाके में स्थित दारूल शफा के विधायक निवास की दीवार पर लगाया गया है। विवादित पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ केशव प्रसाद मौर्य और भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े मंत्रियों की फोटो भी है। कहा जा रहा है कि ये पोस्टर ब्राह्मणों पर हो रहे कथित अत्याचार के विरोध स्वरूप लगाया गया है।

पोस्टर में सीएम योगी आदित्यनाथ को ब्राह्मणों पर फरसे से हमला करते हुए दिखाया गया है। सीएम योगी के पीछे केशव प्रसाद मौर्य समेत पार्दूटी के दूसरे नेताओं की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। पोस्टर में लिखा गया है ‘बेटी बचाओ भाजपा भगाओ, बंद करो ब्राह्मणों पर अत्याचार, ना भ्रष्टाचार ना गुंडाराज, अबकी बार अखिलेश सरकार।’ पोस्टर में डॉक्टर और करोना मरीज की फोटो भी लगाई गई है। इसके साथ लिखा गया है कि ‘करोना महामारी की आड़ में धन उगाही’

इन पोस्टरों में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को ब्राह्मणों का असली हितैषी बताया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पोस्टर समाजवादी पार्टी प्रदेश सचिव छात्र सभा विकास यादव द्वारा लगाया गया है। इस पोस्टर में हिंदूओं के देवता भगवान परशुराम की तस्वीर भी लगाई गई है।

इस पोस्टर को लेकर यहां हड़कंप मच गया है। पोस्टर चिपकाए जाने की खबर मिलने के बाद यहां पुलिस महकमा अब इस पोस्टर को हटवाने में जुट गया है। यह भी बताया जा रहा है कि इस पोस्टर को लेकर हजरतगंज थाने में मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी हुई है कि दीवारों पर यह पोस्टर किसने लगाया है? हालांकि अभी इस पोस्टर को लेकर समाजवादी पार्टी की तरफ से किसी भी तरह का बयान नहीं आय़ा है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।