केरल के चर्चित सोना तस्करी कांड की मुख्य अभियुक्त स्वप्ना सुरेश को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शनिवार (12-07-2020) को स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को इस बेहद ही चर्चित कांड में गिरफ्तार किया है। स्वप्ना उन चार आरोपियों में शामिल हैं जिनके खिलाफ एनआईए ने 30 किलो सोना तस्करी के आरोप में केस दर्ज किया है। यह सोना तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कुछ दिनों पहले बरामद किया गया था। यह सोना यूएई के वाणिज्य दूतावास के लिए आए बैग में भरा हुआ था। कस्टम विभाग के अधिकारियों ने हवाईअड्डे पर इस सोने की खेप को पकड़ा था। जिसके बाद खुलासा हुआ था कि राजनियक खेपों के जरिए सोने की तस्करी की जा रही है।
इस मामले में तिरुवनंतपुरम की स्वप्ना, सारिथ और संदीप नायर के अलावा एर्नाकुलम के रहने वाले फाज़िल को मुख्य आरोपी बनाया गया है। स्वप्ना केरल सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की पूर्व सलाहकार रह चुकी हैं। इस मामले में राज्य के सीएम पिनरई विजयन के प्रधान सचिव एम शिशंकर का नाम भी उछला था जिसके बाद उनका ट्रांसफऱ कर दिया गया था।
चूकि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग यहां सीधे सीएम कार्यालय से जुड़ा हुआ है इसलिए राज्य में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी जैसे विपक्षी दलों ने सीएम पिनरई विजयन को इस पूरे मामले में घेरने की कोशिश भी की थी।
हालांकि पिनरई विजयन ने यह साफ कर दिया था कि उनका और उनके कार्यालय का इस तस्करी से कोई लेना-देना नहीं है और उन्होंने इस मामले में किसी भी जांच एजेंसी से जांच कराए जाने की बात का समर्थन भी किया था।
सोना बरामद होने के बाद से स्पप्ना फरार चल रही थीं। स्वप्ना के बारे में बताया जाता है कि उनका जन्म अबू धाबी में हुआ था। स्वप्ना के खिलाफ साल 2016 में क्राइम ब्रांच ने एक धोखाधड़ी के मामले की जांच भी की थी।
धारा प्रवाह अरबी बोलने वाली स्वप्ना के बारे में यह भी कहा जाता है कि यूएई में अपने संपर्कों के कारण स्वप्ना धीरे-धीरे विभिन्न समूहों से परिचित हो गई थी और कथित रूप से राजनयिक खेपों के जरिए स्वर्ण तस्करी के लिए उन्होंने एक हाईप्रोफाइल सिस्टम का इस्तेमाल किया।

