कोरोना का खौफ अभी देश से खत्म नहीं हुआ है। इस बीच कर्नाटक के धारवाड़ में एक शख्स ने कोरोना के कारण नौकरी जाने के खौफ से अपने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। बताया जा रहा है कि इस शख्स ने पहले अपनी पत्नी और बेटी को जहर दिया और फिर उनकी डेड बॉडी के पास बैठ कर खुद भी जहर खा लिया। शनिवार (26-7-2020) को घर में 3 लोगों की लाश मिलने से सनसनी मच गई।

मिली जानकारी के मुताबिक कलावीकाई चला में 36 साल के मोनेश पट्टारा अपनी 28 साल की पत्नी अर्पिता और 4 साल की बेटी शुक्रिता के साथ रहते थे। मूल रूप से गडग जिले के रोना तालुके के असूती गांव के रहने वाले मोनेश एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे थे। करीब 5 साल पहले अर्पिता की शादी हुई थी। बताया जा रहा है कि उनकी बेटी को बुखार आया था और उनकी पत्नी का ब्लड प्रेशर भी कम हो गया था।

मोनेश ने अपनी बेटी को स्थानीय चिकित्सक से दिखाया था लेकिन जब बेटी का बुखार कम नहीं हुआ तब मोनेश को यह डर सताने लगा कि यह कोरोना संक्रमण का लक्षण हो सकता है। कोरोना को लेकर दहशत में आए मोनेश को अपनी नौकरी गंवाने और बेरोजगार हो जाने का डर सताने लगा।

बीते शनिवार को मोनेश ने पहले अपनी पत्नी और बेटी को जहर देकर मार दिया। इसके बाद उनकी लाश के पास ही खुद भी जहर खाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह सुसाइड नोट खुद मोनेश ने लिखा था। धारवाड़ पुलिस ने इस सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है।पुलिस इस मामले में अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है।

आपको बता दें कि कर्नाटक के उडुपी जिले से भी कुछ दिनों पहले ही एक ऐसा मामला सामने आया था। यहां 56 साल के एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली है। पता चला था कि इस शख्स ने इस बात के डर से आत्महत्या कर ली की वो गलती से Covid-19 संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ गया है। इस डर के कारण उसने पेड़ से लटककर फांसी लगा ली। अपने सुसाइड नोट में उसने परिवार को कहा है कि वो लोग भी जाकर कोरोना वायरस संक्रमण की जांच करवा लें।