Kanpur Encounter News: ‘सबको मार डालो’…कानपुर में हुए एनकाउंटर के दौरान विकास दुबे ने अपने गुर्गों को यहीं आदेश दिया था। जिसके बाद उसने और उसके पाले गुर्गों ने पुलिसवालों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। कानपुर में बीते गुरुवार-शुक्रवार की रात हुए एनकाउंटर में उत्तर प्रदेश पुलिस के 8 जवान शहीद हो गए। इस भयानक घटना के बाद गैंगस्टर विकास दुबे के खिलाफ जो एफआईआर दर्ज की गई है उसमें इस बात जिक्र किया गया है कि उसने अपने गुर्गों को हुक्म दिया था कि ‘मार दो उन सभी को’…
FIR में इस बात का भी जिक्र है कि विकास और उसके साथियों ने मिलकर एसओ महेश यादव, एसओ बिठूर, कौशलेन्द्र प्रताप सिंह और अनूप कुमार सिंह की 9एमएम पिस्टल लूट ली। इसके अलावा इन सभी ने मिलकर एक पुलिसवाले जितेंद्र कुमार की एके-47, कॉन्स्टेबल सुल्तान की इंसास और 70 कारतूस भी लूट लिये थे।
इस मामले में 25 नामजद तथा 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसमें चौबेपुर के स्टेशन ऑफिसर विनय तिवारी का नाम भी है। विनय तिवारी को इस मामले में तत्काल सस्पेंड भी कर दिया गया था।
एफआईआर में इस एनकाउंटर की जानकारी विस्तार से दी गई है। इसमें कहा गया है कि गुरुवार-शुक्रवार देर रात करीब 12.27 पुलिस की 3 टीमें बिकरू गांव पहुंची थीं। इसमें 32 पुलिसवाले शामिल थे। जैसे ही पुलिसवाले विकास दुबे के घर के करीब पहुंचे उनपर सभी तरफ से हमला कर दिया गया। इस दौरान दुबे चिल्ला रहा था..’मार दो सबको इनके हिम्मत कैसे हुई यहां छापेमारी के लिए आने की,,,ध्यान रहे कोई जिंदा नहीं बचे’
बताया जा रहा है कि पुलिसवालों पर रात करीब 1 बजे फायरिंग शुरू हुई जो 1.30 मिनट पर खत्म हुई। एफआईआर में बताया गया है कि सर्किल ऑफिसर बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा को घसीट कर दुबे के मामा प्रेम कुमार पांडे के घर के अंदर ले जाया गया और कुल्हाड़ी से काट कर उनकी हत्या की गई।
यह भी कहा गया है कि गैंगस्टर दुबे के नाम पर कई अवैध संपत्तियां हैं। दुबे और उसके गुर्गों पर हत्या, हत्या के प्रयास, विद्रोह, लूट समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
आपको बता दें कि इस एनकाउंटर के बाद से विकास दुबे फरार हो गया है। पुलिस कई कई टीमें विकास दुबे की तलाश में जुटी हुई हैं। कई स्थानों पर छापेमारी औऱ कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई है लेकिन विकास दुबे का अब तक कोई पता नहीं चल सका है।

