Ghaziabad Journalist Vikram Joshi Murder News : गाजियाबाद में पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या के बाद बवाल बढ़ गया है। यहां के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कालानिधि नथानी ने कहा है कि इस मामले के 2 मुख्य आरोपी रवि और छोटू को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से सभी अवैध हथियार बरामद कर लिये गये हैं। इस माले में पुलिस ने स्थानी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज को हटा दिया है। हालांकि परिवार वालों ने विक्रम जोशी की डेड बॉडी लेने से इनकार कर दिया है। अब तक इस मामले में कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एक आरोपी की तलाश जारी है। योगी सरकार ने मृतक के आश्रितों को 10 लाख रुपए और पत्रकार की पत्नी को नौकरी देने का ऐलान किया है।
पत्रकार विक्रम जोशी को गोली मारे जाने का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि कुछ बदमाश अचानक बीच सड़क पर पत्रकार पर हमला बोल देते हैं। पहले वो उनसे मारपीट करते हैं और फिर उन्हें गोली मार दी जाती है। गोली लगते ही पत्रकार विक्रम जोशी सड़क पर ही निढाल हो जाते हैं।
अब गाजियाबाद में पत्रकार को सरेआम मारी गोली, भांजी से छेड़खानी का किया था विरोध


पत्रकार हत्याकांड में लापरवाही बरतने में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने प्रताप विहार चौकी प्रभारी राघवेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और सीओ सिटी प्रथम राकेश मिश्रा को विभागीय जांच सौंपी है।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि मीडियाकर्मी विक्रम जोशी के भाई अनिकेत जोशी ने रवि, छोटू और आकाश बिहारी को नामजद करते हुए कई अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी। मुकदमा दर्ज कर फरार एक आरोपित को गिरफ्तार करने के लिए छह टीमें गठित की हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में अज्ञात बदमाशों की गोली से घायल पत्रकार की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि देश में भय का माहौल पैदा किया जा रहा है। सीएम ममता ने पत्रकार जोशी की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए आज ट्वीट किया, "निर्भीक पत्रकार विक्रम जोशी की मृत्यु पर मेरी उनके परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना। उत्तर प्रदेश में भांजी के साथ छेड़छाड़ की प्राथमिकी दर्ज कराने पर उन्हें गोली मार दी गई। देश में भय का माहौल उत्पन्न किया जा रहा है। आवाज को कुचला जा रहा है। मीडिया को भी नहीं बख्शा जा रहा है। आश्चर्यजनक।"
बता दें कि भांजी से छेड़छाड़ की शिकायत पुलिस से करने पर नाराज आरोपियों ने विक्रम जोशी की गोली मारी थी। बताया जा रहा है कि विक्रम को उनकी दो बेटियों के सामने उन्हें सिर में गोली मार दी गई थी। जिसके बाद उन्हें यशोदा हॉस्पिटल में एडमिट कराया था, जहां मंगलवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उधर एसएसपी ने लापरवाही बरतने के आरोप में चौकी इंचार्ज राघवेंद्र को सस्पेंड कर दिया है।
उधर पत्रकार विक्रम जोशी की मौत से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने पूरे मामले में डीजीपी से रिपोर्ट तलब की है साथ आईजी रेंज मेरठ प्रवीण कुमार को मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया है। साथ ही डीजीपी ने गाजियाबाद पुलिस को फटकार भी लगाई है।
विजयनगर बाईपास निवासी विक्रम जोशी एक समाचार पत्र से जुड़े थे। सोमवार रात वह माता कॉलोनी निवासी बहन के घर गए थे। रात करीब 10:30 बजे वहां से आते समय कुछ बदमाशों ने उन पर हमला बोल दिया। एक बदमाश ने तमंचा सिर से सटाकर विक्रम को गोली मार दी। घटना को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गए। परिजनों के मुताबिक विक्रम जोशी के परिवार की एक लड़की के साथ छेड़छाड़ हुई थी। इस संबंध में थाने में नामजद शिकायत की गई थी। पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर आरोपी पीड़ित पक्ष को लगातार धमकी दे रहे थे। विक्रम इस मामले की पुलिस में पैरवी कर रहे थे। इसी बात को लेकर आरोपियों ने उन्हें गोली मार दी।
विक्रम जोशी मर्डर केस में पुलिस ने जारी की 10 लोगों की लिस्ट जारी की जिसने खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से तीन 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि 6 हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एक आरोप अब भी फरार है। गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि दो मुख्य आरोपी रवि और छोटू सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से एक अवैध हथियार भी जब्त किया गया है।
गाजियाबाद के डीएम अजय शंकर पांडे ने बताया कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्काल विक्रम के परिवार वालों को 10 लाख रुपए की सहायता राशि, पत्नी को नौकरी और बच्चों को निशुल्क पढ़ाई कि इंतजाम करने के निर्देश दिए है।
पत्रकार हत्याकांड में पकड़े गए आरोपियों में रवि निवासी माता कॉलोनी, छोटू, साकिब व आकाश उर्फ लुल्ली निवासीगण चरण सिंह कॉलोनी, मोहित निवासी भाव देवव्रत कॉलोनी, दलवीर निवासी एक-ब्लॉक सेक्टर-9 विजयनगर, योगेंद्र निवासी सेक्टर-11 विजयनगर, अभिषेक हकला निवासी लाल क्वार्टर थाना साहिबाबाद, अभिषेक मोटा निवासी माता कॉलोनी सेक्टर-12 विजयनगर शामिल हैं। एक अन्य आरोपी आकाश बिहारी फरार है।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने आरोपियों से घटना में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया है। वहीं, छेड़छाड़ के मामले में शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई न करने वाले प्रताप विहार चौकी इंचार्ज राघवेंद्र सिंह को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है। साथ ही पुलिस की लापरवाही को लेकर सीओ प्रथम को विभागीय जांच सौंपी है।
गाजियाबाद के पत्रकार विक्रम जोशी की मौत हो गई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जोशी को विजय नगर इलाके में स्कूटी सवार बदमाशों ने सोमवार को सिर में गोली मारी थी। इस सिलसिले में कल तक नौ लोगों को गिरफ्तार और चौकी इंचार्ज को निलंबित किया गया था।
पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या के बाद वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना ने भी ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। रोहित सरदाना ने लिखा है कि 'पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या के ज़िम्मेदार अकेले गुंडे नहीं हैं, वो सब हैं जो लगातार शिकायतों के बावजूद कानों में तेल डाले बैठे रहे. यूपी सरकार का पहला अजेंडा थे मनचले - ऑपरेशन मजनू - के तहत. नतीजा?'
दिल्ली से सटे गाजियाबाद मे पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या के बाद अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा की 'अपनी भांजी के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या कर दी गयी। शोकग्रस्त परिवार को मेरी सांत्वना। वादा था राम राज का, दे दिया गुंडाराज'
गाजियाबाद के पत्रकार विक्रम जोशी की मौत के बाद आम लोगों में खासा गुस्सा है। परिवार ने फिलहाल पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया था और अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गए थे। परिवार वालों की मांग है कि एक सदस्य को नौकरी दी जाए और परिवार को सुरक्षा। फिलहाल जिलाधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सरकार ने उनकी बातें मान ली और धरना खत्म कर दिया गया है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स मुताबिक सोमवार रात जब पत्रकार विक्रम जोशी पर हमला हुआ तब उनकी दो बेटियां भी बाइक पर सवार थीं। बड़ी बेटी के मुताबिक, पापा बाइक चला रहे थे, इसी दौरान जब बाइक सड़क पर आई तो कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और बाइक गिरा दी। जब पापा ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे लोग पापा को मारने लगे। इस दौरान कार के पास ले जाकर एक हमलावर ने उनको गोली मार दी। इसके बाद हमला करने वाले फरार हो गए। इस घटना में परिजन की तरफ से इस मामले में नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है।
गाजियाबाद के जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने कहा कि 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक के परिवार वालों को 10 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया है। इसके अलावा पत्रकार विक्रम जोशी की पत्नी को नौकरी भी दी जाएगी।
सीनियर एसपी ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि पत्रकार विक्रम जोशी के परिवार वालों का कहना है कि उन्होंने थाने में छेड़खानी और प्रताड़ना के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में स्टेशन इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया है। उनपर काम में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। हम इस मामले में जांच करेंगे।
पत्रकार विक्रम जोशी हत्याकांड को लेकर यहां के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नथानी ने कहा इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रवि और छोटू मुख्य 2 आऱोपी हैं जिन्हें पकड़ लिया गया है। इनके पास से अवैध हथियार भी बरामद किये गये हैं।
विक्रम जोशी की भांजी का कहना है कि उनके साथ पिछले एक-डेढ़ साल से छेड़खानी की जा रही थी। 16 जुलाई उन्होंने जब छेड़खानी की तो उनके मामा ने इसका विरोध किया और बदमाशों ने उनके साथ मारपीट भी की थी। विक्रम जोशी की भांजी के मुताबिक उन्होंने पुलिस में इस बात की शिकायत की थी लेकिन पुलिस खामोश रही।
विक्रम जोशी की मौत के बाद पत्रकारों का गुस्सा फूंट पड़ा है। गाजियाबाद में पत्रकार संगठन से जुड़े सदस्यों ने सड़क पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पत्रकार, विक्रम जोशी की हत्या से बेहद नाराज थे और पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले पत्रकार विक्रम जोशी की भांजी के साथ कुछ बदमाशों ने छेड़खानी की थी। विक्रम जोशी ने इस बात का विरोध किया था। जिसके बाद इन्हीं बदमाशों ने उन्हें सरेराह गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया है।
पत्रकार विक्रम जोशी को बदमाशों ने सरेराह गोली मारी थी। उन्हें गोली मारने का एक वीडियो भी सामने आया है। देखिए किस तरह गाजियाबाद में सरेराह गुंडे पहले मारपीट करते हैं और फिर गोली मारकर फरार हो जाते हैं।