Jammu Kashmir, 9 Terrorists Of Hizbul Mujahideen Killed: कोरोना के खतरे के बावजूद जम्मू-कश्मीर में सेना का ‘आतंक नाशक’ ऑपरेशन जारी है। यहीं वजह है कि पिछले कुछ दिनों में सेना के बहादुर जवान खूंखार आतंकी संगठनों हिज्बुल मुजाहिद्दीन और जैश-ए-मुहम्मद पर कहर बनकर टूटे हैं। जम्मू कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि रविवार-सोमवार को सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन में हिज्बुल के 9 आतंकी मारे गए हैं।

पिछले 2 हफ्ते में सेना ने आतंकियों के खिलाफ 9 बड़े ऑपरेशन चलाए हैं। इन आतंक नाशक ऑपरेशनों में 22 आतंकवादी मारे गए हैं। जिन 22 आतंकियों को अब तक ढेर किया गया है उनमें से 18 साउथ कश्मीर के तीन जिले – पुलवामा, कुलगाम और शोपियां के रहने वाले हैं। खास बात यह भी है कि मारे गए आतंकियों में 6 शीर्ष कमांडर भी शामिल हैं। इन सभी शीर्ष कमांडरों के बारे में हम आपको आगे बताएंगे।

सोमवार को सेना ने 4 शिकार किये: सेना के साथ आतंकियों की सबसे ताजा मुठभेड़ सोमवार (08-06-2020) की सुबह शोपियां के पिंजोरा में हुई है। इसमें सेना ने 4 आतंकियों का शिकार किया है। न्यूज एजेंसी ‘ANI’ के मुताबिक पिंजोरा में मारे गए सभी 4 आतंकियों के डेड बॉडी बरामद कर लिये गये हैं। इनके पास से हथियार और अन्य सामान भी मिले हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ढेर किये गये आतंकवादियों में से एक की पहचान उमर धोबी के तौर पर हुई है। उमर धोबी पिंजोरा का ही रहने वाला था और हिज्बुल का शागिर्द था। अगस्त 2018 से उमर धोबी आतंकी गतिविधियों में संलिप्त था और 3 पुलिसवालों की हत्या में शामिल था। इस एनकाउंटर में मारे गए एक अन्य आतंकी की पहचान रईस खान के तौर पर हुई है। यह आतंकी भी शोपियां के वेहिल का रहने वाला था। सितंबर 2018 से इसने हिज्बुल ज्वायन किया था।

हिज्बुल के 5 आतंकी हुए ढेर: इससे पहले रविवार को शोपियां के रिबेन इलाके में 12 घंटे तक चले लंबे एनकाउंटर के बाद 5 आतंकवादियों को ढेर किया गया था। मारे गए सभी आतंकी हिज्बुल मुजाहिदीन के बताए गए थे। इनमें हिज्बुल का टॉप कमांडर फारूक अहमद भट उर्फ नाली भी शामिल था।

कुलगाम का रहने वाला फारूक दो हफ्ते पहले एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को चकमा देकर फरार हो गया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि डीएसपी देवेंद्र सिंह के साथ आतंकी नवीद बावू की गिरफ्तारी के बाद फारूक अहमद भट कुलगाम और पुलवामा में हिज्बुल मुजाहिदीन का कमांडर बना था। फारूक अहमद भट A++ कटेगरी का आतंकवादी था।

जिंदा पकड़े गए आतंकी: इससे पहले शुक्रवार को सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के सोपोर और हंदवारा इलाके से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया था। गुरुवार रात को भी कुपवाड़ा जिला अंतर्गत हंदवारा इलाके के शालपोरा गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। इस दौरान लश्कर के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था।

अधिकारियों ने कहा था कि इनकी पहचान आजाद अहमद भट और अल्ताफ अहमद बाबा के रूप में हुई है और इनके कब्जे से दो पिस्तौल और दो हथगोले मिले थे। इसके पहले सुरक्षा बलों ने बृहस्पतिवार शाम को भी बारामुला जिले के सोपोर इलाके से दो अन्य वसीम अहमद और जुनैद राशिद गनी को सादिक कॉलोनी सुरक्षा चौकी के पास जांच अभियान के दौरान गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से भी हथियार बरामद किए गए हैं।

यह शीर्ष कमांडर हुए ढेर: मारे गए 6 शीर्ष कमांडरों की गुनाहों की लिस्ट काफी बड़ी है। सबसे पहले आप यह जान लीजिए की कौन सा शीर्ष कमांडर कब मारा गया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मारे गए शीर्ष कमांडरों में अब्दुल रहमान – 3 जून को, जैश कमांडर, ताहिर अहमद भट- 17 मई. हिज़्बुल कमांडर, रियाज नायकू- 6 मई हिज़्बुल कमांडर, हैदर- 3 मई, लश्कर कमांडर, सजाद नवाब डार- 9 अप्रैल, जैश कमांडर,  हारून वानी- हिज़्बुल कमांडर शामिल हैं।

शीर्ष कमांडरों के मारे जाने से आतंकियों की कमर टूट गई है। (ग्राफिक्स क्रेडिट- नरेंद्र कुमार)

सेना की तरफ से आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान की तरफ से LOC के पास बनाए गए लॉन्चपैड्स में 400 आतंकी अभी भारत में घुसपैठ की योजना बना रहे हैं। हालांकि यहां सेना के जवान औऱ जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकी संगठनों की चूलें हिला रखी हैं। इनका मानना है कि आतंकियों के बड़े पैमाने पर सफाए के बाद यहां के लोगों का काफी राहत मिलेगी।

पुलिस का कहना है कि यहा आतंकी जवानों को बरगलाकर आतंकी संगठन में शामिल करना चाहते थे। यहां आपको यह भी बता दें कि 6 महीने से भी कम समय में सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में 93 आतंकियों का सफाया किया है।