एक तरफ लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन से तनातनी चल रही है तो दूसरी तरफ पाकिस्तान भी सीमा पर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। कुछ साल पहले भारत ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था। लेकिन पाकिस्तान सर्जिकल स्ट्राइक से भी नहीं सुधरा है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट और भी बढ़ गई है और वो लगातार सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन कर आतंकियों को भारतीय सीमा में घुसाने की कोशिश में लगा है।
हालांकि भारतीय सेना पाकिस्तान की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब दे रही है। ताजा मामला अनंतनाग का है। जिले के बिजबेहरा में मंगलवार (30-06-2020) को सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को मार गिराया है। जम्मू-कश्मीर के डायरेक्टर जनरल दिलबाग सिंह ने बताया है कि यह दोनों आतंकी कुछ दिनों पहले एक सीआरपीएफ जवान की हत्या में शामिल थे।
आतंकवादियों की इस कार्रवाई में 5 साल के एक बच्चे की मौत भी हो गई थी। अपनी गुप्त सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने बिजबेहरा में आतंकियों को घेरा था और उन्हें पहले सरेंडर करने के लिए कहा गया था। लेकिन आतंकियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी जिसके बाद इन दोनों आतंकियों को मार गिराया गया है।
जून में 302 बार तोड़ा सीजफायर: पाकिस्तान की बौखलाहट का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि मई के महीने में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास पाकिस्तान ने 382 बार सीजफायर का उल्लंघन किया। वहीं जून में अब तक 302 बार पाकिस्तान ऐसी हरकत कर चुका है। सिर्फ जून के महीने में अब तक 43 आतंकवादियों का सफाया किया जा चुका है।
धारा 370 हटने से बढ़ी बौखलाहट: ‘The Indian Express’ के पास जो आधिकारिक डेटा मौजूद हैं उनसे पता चलता है कि इस साल 25 जून तक पाकिस्तान ने 2215 बार सीजफायर तोड़ा है। जबकि साल 2019 में 3168 और साल 2018 में 1629 बार यह हरकत पाकिस्तान ने की है। जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने और जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख के अलग केंद्र शासित राज्य बनने के बाद पाकिस्तान की तरफ से अचानक सीजफायर तोड़ने की वारदातों में बढ़ोतरी हुई है।
आंतकवाद फैलाने की है मंशा: एक अधिकारी ने बातचीत में कहा कि ‘पिछले साल से ही सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं बढ़ी हैं जो अब भी जारी है। पाकिस्तान आर्मी इस बात पर पूरी तरह फोकस कर रही है कि आतंकवादियों को इस गोलीबारी के आड़ में भारत में एंट्री दिलाई जाए ताकि कश्मीर के हालात खराब हों। हम उन्हें एलओसी पर कड़ा जवाब दे रहे हैं।’
Lt General BS Raju, Chinar Corps Commander, ने बातचीत के दौरान बीते 30 अप्रैल को कहा था कि ‘लगातार सीजफायर तोड़ने के पीछे पाकिस्तान की सिर्फ और सिर्फ इतनी मंशा है कि वो कश्मीर घाटी की शांति को तहस-नहस करे और ज्यादा से ज्यादा आतंकवादियों को भारत में भेजे।’
सुरक्षा बल दे रहे मुंहतोड़ जवाब: पाकिस्तान पोषित आतंकवाद को करारा जवाब देने के लिए ही सुरक्षा बलों ने यहां आतंकियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन को बढ़ाया है। आर्टिकल 370 हटने के बाद मोबाइल और इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाया गया था जिसके बाद इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन प्रभावित हुए थे क्योंकि सुरक्षा बलों को आतंकवादियों की सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस साल 25 जून तक 119 आतंकवादी यहां ढेर किये जा चुके हैं। साल 2019 में कुल 158 आतंकवादी मारे गए वहीं 2018 में 254 और 2017 में 213 आतंकी मारे गए थे।

