कोरोना का खौफ और लद्दाख में LAC पर चीन से तनातनी के बीच जम्मू कश्मीर में आतंकियों को ‘जहन्नुम’ भेजने का सिलसिला जारी है। सुरक्षा बल इन आतंकियों पर कहर बनकर टूट रहे हैं और अब तो इनका शिकार कर सुरक्षा बल नए-नए रिकॉर्ड भी बनाने लगे हैं। पिछले 21 दिन में 12 आतंकवादियों को मौत की नींद सुलाया गया है। रविवार (21-06-2020) को भी श्रीनगर में एक एनकाउंटर में 3 आतंकियों को ढेर कर दिया गया। इस एनकाउंटर के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस विजय कुमार ने मीडिया को बताया कि यह एनकाउंटर श्रीनगर के जादिबाल इलाके में हुआ। यहां सीआऱपीएफ की क्वीक एक्शन टीम और जम्मू कश्मीर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया था।
विजय कुमार ने कहा कि ‘यह सभी स्थानीय आतंकी थे। इनके छिपे होने की सूचना पर हमने यहां के कुछ सम्मानित लोगों से कहा कि वो इन तीनों से कहे कि वो सरेंडर कर दें। लेकिन तीनों ने इस बात को अनसुना कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने पुलिस वालों पर हैंड ग्रेनेड भी फेंके।
इसके बाद सभी एनकाउंटर में मारे गए। मारे गए आंतकियों में से 2 की पहचान श्रीनगर के रहने वाले शकूर फारुक लंगू और शाहिद अहमद भट्ट के तौर पर हुई है। पुलिस के मुताबिक फारुक मई 2020 में दो बीएसएफ जवानों की हत्या में शामिल था।
इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस विजय कुमार ने कहा कि ‘मैं सुरक्षा बलों को विशेष धन्यवाद देना चाहूंगा। यह इतिहास में पहला मौका है जब मुख्य आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा, जैश-ए-मुहम्मद, हिज्बुल मुजाहिद्दीन और अंसार गजवात-उल हिंद के 4 प्रमुख चार महीने में ढेर किये गये।’ 4 महीने में 4 आतंकी संगठनों के 4 चीफ को मौत की नींद सुलाने पर सुरक्षा बलों का मनोबल भी बढ़ गया है।
पुलिस ने जानकारी दी है कि पाकिस्तान ड्रोन के जरिए अपने पाले हुए आतंकियों को हथियार भेजने की साजिश कर रहा है। दरअसल इससे पहले जम्मू-कश्मीर के कठुआ के पनसर इलाके में बीएसएफ ने एक पाकिस्तानी ड्रोन को शूट कर दिया था।
पाकिस्तान की तरफ से इस ड्रोन के जरिए आतंकियों को हथियार भेजे गए थे। इसमें एक अमेरिकी राइफल, दो मैग्जीन और दूसरे हथियार थे। ये कंसाइनमेंट किसी अली भाई के नाम पर आया था। ये भारतीय इलाके में 250 मीटर अंदर था। बीएसएफ के जवान ने 9 राउंड फायरिंग कर ड्रोन को गिरा दिया था।
इसके बारे में भी जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि अली भाई कठुआ में हुआ हमले में शामिल था। जब हमने रिकॉर्ड की जांच की तो पता चला कि एक पाकिस्तानी आतंकवादी फुरकान पुलवामा में सक्रिय है।
पूरा अंदेशा है कि फुरकान के लिए M4 रायफल पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए मंगाया गया था। कुलगाम में भी एक जैश आतंकी के पास से एके-47 और एम4 कार्बाइन बरामद हुई है। यह भी देखा गया है कि जैश के आतंकी एम4 राइफल का इस्तेमाल करते हैं।

