Coronavirus, (COVID-19) Kashmiri Pandit Sarpanch Killed By Terrorist: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में कश्मीरी पंडित सरपंच अजय भारती की हत्या के बाद से घाटी के पंडितो में दहशत है। घाटी के कई कश्मीरी पंडित संगठनों का कहना है कि यह अल्पसंख्यकों के बीच दहशत फैलाने की कायरना कोशिश है। इन संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि घाटी में रह रहे कश्मीरी पंडितों को सुरक्षा प्रदान की जाए। All Party Migrant Cooperation Committee (APMCC) के अध्यक्ष विनोद पंडित ने कहा कि ‘अल्संख्यक पंडितों पर साजिश के तहत हमला किया जा रहा है ताकि जिस तरह 1990 में उन्होंने दहशत फैलाया था उसी तरह दोबारा दहशत का माहौल तैयार किया जा सके। हम इस हत्यकांड की निंदा करते हैं।’ ऐसे विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि आतंकियों ने यहां धमकी दी है कि अगर पंडित यहां दोबारा लौटते हैं तो उनके साथ ऐसा ही सलूक किया जाएगा।

लश्कर का हाथ: इससे पहले हथियारबंद आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के लार्कीपोरा के लुकभावन गांव के सरपंच की सोमवार (08-06-2020) की शाम 6 बजे गोली मार कर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि सरपंच अजय पंडित की हत्या उनके घर के बिल्कुल पास की गई। अजय पंडित को गोली मारकर आतंकी फरार हो गए।

नाजुक हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हत्या की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैय्यबा से जुड़े संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है। इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और हत्यारे आतंकियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यह भी जानकारी सामने आई है कि पुलिस को हत्यारों के बारे में कुछ सुराग भी हाथ लगे हैं।

अजय पंडित ने मांगी थी सुरक्षा: अजय पंडित करीब 2 साल पहले साउथ कश्मीर आए थे। वो उन चंद कश्मीरी पंडितों में शामिल थे जिन्होंने कश्मीर में 1980-90 के बाद दोबारा अपना आशियाना बनाया था। अजय पंडित घाटी में कश्मीरियों की वापसी के लिए काम कर रहे थे। ‘News 18’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक अजय भारती को अपनी हत्या का अंदेशा पहले से था। कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि अजय भारती ने सरकार से लिखित रूप से सुरक्षा की मांग की थी लेकिन बताया जा रहा है कि सरकार ने उन्हें सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था।

मुस्लिम समुदाय के बीच भी थे लोकप्रिय: अजय पंडित अलग-अलग समुदायों के बीच जाकर उन्हें समझाते और सद्भावना बनाए रखने की अपील करने के लिए जाने जाते थे। खास बात यह भी है कि अजय पंडित के मुस्लिम पड़ोसी उन्हें सिद्धांतों वाला व्यक्ति और स्पष्ट नजरिये वाला इंसान मानते थे। अजय पंडित को जानने वाले बताते हैं कि मंगलवार को इन्हें जम्मू आना था।

इनकी दो बेटियां हैं। एक बेटी देहरादून में हैं जबकि दूसरी बेटी जम्मू-कश्मीर में ही हैं। अजय भारती के भावुक पिता द्वारका नाथ पंडित ने बेटे की हत्या के लिए जिम्मेदार आतंकियों को फौरन तलाश कर फांसी पर लटकाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ‘हमने यहां कश्मीर में रहने का फैसला किया था। हम खुश थे कि हमें यहां अब कोई तंग नहीं करता। लेकिन कई साल बाद पहली बार हम पर यह हमला हुआ है।’

राजनीतिक दलों ने की निंदा: अजय पंडित की सरेशाम हत्या के बाद की कई राजनीतिक दलों ने भी इसकी निंदा की है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि ‘अजय पंडित की हत्या के बारे में सुनकर दुख हुआ। मैं इस आतंकी हमले की निंदा करता हूं। राजनीतिक कार्यकर्ता की आत्मा को शांति मिले।’ पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की पार्टी PDP ने भी इस घटना की निंदा की है। पार्टी ने कहा कि जो लोग गरीब और प्रवासियों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं उनके साथ ऐसा सलूक निंदनीय है।’

अनंतनाग जिले के एक गांव के सरपंच अजय पंडित की हत्या के बाद घाटी में रह रहे कश्मीरी पंडित दहशत में हैं। फोटो सोर्स – सोशल मीडिया

कांग्रेस ने उठाई जांच की मांग: इस मामले में कांग्रेस पार्टी की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरपंच की हत्या पर अपनी संवेदना जाहिर करते हुए कहा कि अजय पंडिता ने कश्मीर में लोकतांत्रित व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी जान दे दी. इस दुख की घड़ी में मैं उनके परिवार और दोस्तों के साथ खड़ा हूं. हिंसा की कभी जीत नहीं हो सकती।’ कांग्रेस पार्टी ने यहां अजय पंडित की हत्या के मामले में न्यायिक जांच कराए जाने की मांग भी की है।

केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने भी इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश विरोधी तत्वों द्वारा लोकतंत्र के जड़ पर हमला करना बेहद निंदनीय है।  बीते 17 वर्षों में वादी में किसी कश्मीरी पंडित की आतंकियों द्वारा हत्या की यह पहली वारदात है। सरपंच कांग्रेस से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने आतंकियों को पकड़ने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चला रखा है।