Coronavirus, (Covid-19): लोकप्रिय कथावाचक मोरारी बापू (Morari Bapu) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मोरारी बापू पर हिन्दुओं के प्रमुख देवताओं में से एक माने जाने वाले ‘श्रीकृष्ण’ पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा है। यह मामला अब थाने की चौखट तक पहुंच गया है और जयपुर के कालवाड पुलिस थाने में इस संबंध में एक तहरीर देते हुए एफआईआऱ दर्ज करने की मांग की गई है।
इस संत ने दी है तहरीर: टेलीविजन चैनलों पर अक्सर ‘श्रीराम कथा’ कहते नजर आने वाले मोरारी बापू के खिलाफ थाने में यह तहरीर संत सौरभ राघवेंद्र आचार्य ने दी है। संत राघवेंद्र आचार्य ने आरोप लगाया है कि मिर्जापुर स्थित आदि शक्ति पीठ में कुछ समय पहले मोरारी बापू ने रामकथा के दौरान यह टिप्पणी की है। आचार्य का कहना है कि मोरारी बापू द्वारा की गई टिप्पणी का एक वीडियो भी एक चैनल द्वारा प्रसारित किया गया था जो अब वायरल हो चुका है।
‘श्रीकृष्ण’ और ‘बलदाऊ’ पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप: पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में आचार्य ने कहा है कि मोरारी बापू ने ‘श्रीकृष्ण’ के अलावा उनके बड़े भाई ‘बलदाऊ’ को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कही हैं। कालवाड थाने में परिवाद देने वाले सौरभ राघवेंद्र आचार्य महाराज खुद को रघुनाथ धाम रामानुज आश्रम का पीठाधीश्वर बताते हैं। आचार्य के मुताबिक मोरारी बापू की टिप्पणी से संत समाज नाराज है।
पहले भी मोरारी बापू पर दर्ज हुआ है मामला: कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोरारी बापू के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद कालवाड थाने के थानाधिकारी खुद इस मामले की जांच कर रहे हैं। यह भी बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में सेंटर फॉर साइंस एंड इंडियन फिलॉसोफी के चेयरमेन प्रभु नारायण ने भी मोरारी बापू के खिलाफ शिकायत की थी। उन्होंने भी उनपर ‘श्रीकृष्ण’ पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आऱोप लगाया था।
दिल्ली में पुलिस स्टेशन के एसएचओ को दी गई शिकायत में कहा गया था कि ‘भगवान श्रीकृष्ण’ और ‘भगवान बलराम’ दोनों महान भारतीय संस्कृति के ऐतिहासिक दिव्य चरित्र हैं। जो भारत के लाखों हिंदू या सनातन लोगों को प्रेरित करते हैं और मोरारी बापू द्वारा की गई टिप्पणी उनके चरित्र से मेल नहीं खाती है।

