अखबार में प्रकाशित कुछ खबरें जितनी रोचक होती हैं, उससे ज्यादा यह सोचने पर विवश करती हैं कि हम कहां…
Page 7 of समांतर
साधना मदान सिसकती आवाज और दहाड़ का जैसे कोई मेल नहीं वैसे ही विविध विषयों के आगे आज हिंदी सिसक…
जयंत जिज्ञासु कुछ लोग अपने जेहन में अपनी जाति भी लिए चलते हैं। शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे गुटों की पहचान…
नवीन पाल छाछ बिल्कुल गाढ़ी थी। उस पर जीरे का छौंक और हलकी-सी हींग के कारण जायका बन गया था।…
मिथलेश शरण चौबे सबके अपने-अपने गांधी हैं। विरल करने की अहमन्य चेष्टाओं के बावजूद वे निरंतर सघन होते जा रहे…
शचीन्द्र आर्य वह कभी अकेले निकल जाता और किसी पेड़ के नीचे बैठ दिमाग में घूमती हर बात को सुनने…
अनूप शुक्ल अक्सर लोगों का मन देशसेवा के लिए हुड़कने लगता है। खासकर चुनाव के समय देशसेवा की ललक सबसे…

विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह शायद उन लोगों में से हैं जो बिना जरूरत के अपने दूध में नींबू निचोड़ लेते…

राम प्रकाश कुशवाहा मनुष्य को छोड़ कर दूसरा कोई भी प्राणी काम-चिंतन नहीं करता। काम-व्यवहार के मामले में पशु-जगत से…

मनोज चाहिल चौदह अप्रैल को आधुनिक भारत के जननायक बाबासाहेब डॉ भीमराव आंबेडकर की एक सौ पच्चीसवीं जयंती मनाई जाएगी।…