ट्रैफिक पुलिस को पहली बार चालान के पैसे वापस करने पड़ रहे हैं, जिसे लेकर ट्रैफिक पुलिस काफी परेशान है। दरअसल दिल्ली-यूपी को जोड़ने वाले हाइवे एनएच-24 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीडिंग को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने स्पीड डिटेक्शन कैमरे लगाकर धड़ाधड़ चालान काट दिए। हालांकि, इसमें ट्रैफिक अधिकारियों से चूक हो गई। हाइवे पर हाईस्पीड लिमिट 70 किमी प्रति घंटा हो चुकी है, लेकिन सरकारी कागजों में यह स्पीड अब भी 60 किमी प्रतिघंटा दर्ज है।। ऐसे में ऑटोमैटिक सिस्टम ने उन तमाम लोगों के चालान काट दिए, जो 60 किमी. प्रतिघंटा के स्पीड से ज्यादा तेज गाड़ी चला रहे थे। आंकड़ों के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस की इस गलती के कारण करीब डेढ़ लाख लोगों का ई-चालान कट चुका है।
70 किमी से कम रफ्तार वालों का चालान कैंसल: कुछ दिनों बाद जब चालान मिलने शुरू हुए तो लोगों ने इसकी शिकायत सोशल मीडिया पर करनी शुरू किया। वहीं कुछ लोग इस मामले को अदालत ले जाने की बात कहने लगे। इस पर ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घोषणा किया कि जिनका स्पीड 70 किमीप्रति घंटा से कम है उनके चालान को कैंसल कर दिया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस के इस घोषणा के बाद जिन्होंने चालान भर दिए थे। उन्होंने भी अब सवाल उठाने शुरू कर दिए, और अपने चालान के पैसे वापस मांगने लगे । इसे लेकर ट्रैफिक पुलिस एक अजीब स्थिति में फंस गई है।
National Hindi News, 16 October 2019 LIVE Updates
फर्जी चालान होगें कैंसल: मीडिया रिपोर्टस की मानें तो अगस्त-सितंबर में एनएच-24 पर लगे कैमरों के जरिए पैने 2 लाख से ज्यादा लोगों के चालान काटे गए थे। इनमें से करीब डेढ़ लाख लोगों के चालान अभी पेंडिंग थे। अब ट्रैफिक पुलिस ने इन पेंडिंग चालानों को कैंसल करने का निर्णय तो ले लिया है, लेकिन जिन लोगों ने चालान भर दिए थे, उनको लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हो पायी है।
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ट्रैफिक पुलिस दिल्ली सरकार को लिखेगी पत्र: ट्रैफिक पुलिस के सामने समस्या यह है कि वह केवल चालान काटकर जुर्माना वसूलती है, लेकिन जुर्माने की रकम दिल्ली सरकार के खाते में जाता है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि हम चाहकर भी किसी का पैसा वापस नहीं कर सकते। हालांकि, ट्रैफिक पुलिस केजरीवाल सरकार को पत्र लिखकर मदद मांगेगी। साथ ही, सुझाव देगी कि वह उन लोगों के चालान के पैसे वापस कर दें, जिनके गलती से चालान कट गए थे और उन्होंने रकम जमा करा दी थी।

