भारत में कार्यरत दिग्गज आईटी कंपनी कोंगनिजेंट टेक्नोलॉजी साल्यूशंस ने चौंकाने वाला फैसला लिया है। कंपनी ने घोषणा की है वो अपने कंटेंट मॉडरेशन कारोबार से हाथ खींचने जा रही है। एक अंग्रेजी वेबसाइट की खबर के मुताबिक कोंगनिजेंट के इस फैसले पर करीब 6,000 नौकरियों पर सीधा असर पड़ेगा। कंपनी एक योजना ये भी है कि अगली कुछ तिमाहियों में वरिष्ठ स्तर के कम से कम 7,000 कर्मचारियों की छंटनी की जाए। कोंगनिजेंट अपने बचे हुए कॉन्टैक्ट पूरे करने के बाद इस बिजनेस से पूरी तरह अपने हाथ खींच सकती है। कंपनी फेसबुक के रिव्यू कॉन्ट्रैक्टरों में से भी एक है।
कोंगनिजेंट का फैसला ऐसी कुछ रिपोर्ट्स के बाद आया है जिसमें मॉडरेशन के माहौल और इसके कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर काम के प्रभाव के बारे में सवाल उठाए गए। हालांकि कंपनी ने माना है कि उसके मॉडरेशन बिजनेस से बाहर निकलने के बाद कोंगनिजेंट के वित्तीय प्रदर्शन पर नाकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कोंगनिजेंट प्रमुख वित्तीय अधिकारी केरन मैकलॉघलिन ने एक कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा कि कंपनी अपने कॉन्ट्रैक्टर दायित्वों का पालन करेगी और प्रभावित क्लाइंटों (ग्राहक) के साथ इसका सबसे अच्छा रास्ता निकालने की दिशा में काम करेगी।
उल्लेखनीय है कि मई में आई रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में बताया गया कि कोंगनिजेंट के हैदराबाद में लगभग 500 कर्मचारी थे जो संवेदनशील मुद्दों और फेसबुक वीडियो में अशुद्ध भाषा की निगरानी करते थे। जानना चाहिए कि कोंगनिजेंट की योजना मौजूदा घाटे को दूर करने के लिए क्लाउड और इंटरनेट जैसे दूसरे सेगमेंट में निवेश करने के लिए अपनी अन्य दो इकाइयों में से लगभग 7,000 अतिरिक्त वरिष्ठ स्तर को कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की है। हालांकि कंपनी ने कहा कि वह कुल प्रभावित कर्मचारियों में लगभग पांच हजार को फिर से तैयार करने की योजना बना रही है।

