
संगीतकार नौशाद के ड्राइंग रूम में मसाला भरा हुआ शेर देख कर लोग आश्चर्य में पड़ जाते थे। सुरीला संगीत…

संगीतकार नौशाद के ड्राइंग रूम में मसाला भरा हुआ शेर देख कर लोग आश्चर्य में पड़ जाते थे। सुरीला संगीत…

जीवन के आनंद के उत्सव की अभिव्यक्ति है - नृत्य। जब भी कोई खुश होता है, तब उसे व्यक्त करने…


भरतनाट्यम नृत्यांगना मैरी इलंगोवन वर्षों पहले भारत आईं थीं। भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय नृत्य समझने और सीखने के लिए आईं,…

दिनकर के वैचारिक-सांस्कृतिक लेखन की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कृति ‘संस्कृति के चार अध्याय’ (1956 ई.) है। इसमें उन्होंने भारतीय संस्कृति के…


कलाकार की सफलता इसी में मानी जाती है कि वह अपनी कला से दर्शकों को बांध ले। चाहे वो दर्शक…

26 साल के ताहिर को आगरा की गली-गली में इतिहास और पुरातन संस्कृति तलाशने में असीम आंनद आ रहा है।



काव्य संग्रह मन के मंजीरे में प्रेम को सहेजने का भी भाव है। यहां नायिका की आत्मा के होंठों पर…

सांत्वना श्रीकांत की कविता