सृष्टि सदैव नृत्य में मग्न है। मानव, पशु-पक्षी, वनस्पति, जीव और प्रकृति सभी आपस में जुड़े हैं।
इनसान की यह आम प्रवृत्ति है कि वह किसी भी मुद्दे पर एक-दूसरे से तुलना करने लगता है।
कुछ लोग भले ही कौवे को ‘अपशकुनी’ मानें, पर सच यह है कि यह हमारा ऐसा सफाईकर्मी है, जिसकी आज…
प्रेरणादायक कहानियां पढ़कर भी आप अपने आत्मविश्वास को बढ़ा सकते हैं।
ऐसे हजारों शोध हुए हैं, जिनके आधार पर यह निष्कर्ष निकला है कि मदद करने वाले लोग हमेशा दूर से…
अहंकारी मनुष्य की जन्म जन्मांतरों की आदतें उसे बदलने का अवसर प्रदान नहीं करतीं।
प्राकृतिक आपदा और संकट की घड़ी में तो ये जज्बा मिसाल की तरह सामने आता है।
सबसे पहले हमें क्रोध को स्वाभाविक समझने की भूल से बचना होगा।
चातुर्मास के शास्त्रीय विधानों का मूल उद्देश्य मनुष्य को त्याग और संयम की शिक्षा देना भी है।
काम टालने की प्रवृत्ति के बहुत सारे नुकसान हैं। इसका नकारात्मक प्रभाव हमारी कार्य-कुशलता पर पड़ता है।
पहाड़ी पर बसे इस गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए पहाड़ी पर करीब 2-2.5 किमी की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है।
प्रकृति त्याग और तपस्या का अनुपम पाठ है। हमेशा अपने मन की नहीं, कुछ दूसरों के मन की हो, वही…