Dunia mere aage, Family relation
दुनिया मेरे आगे: रिश्तों के धागे में बंधन, गांठ पड़ने से पहले खोल देना जरूरी, संवेदनाओं को सहेजना बढ़ाता है अपनापन

विकास की इस दौड़ में हमने बहुत कुछ हासिल तो कर लिया, लेकिन बहुत कुछ पीछे भी छूट गया। जो…

Dunia mere aage, Human Nature, Thinking
दुनिया मेरे आगे: अहं की दीवारें, जहां ‘मैं’ का प्रभाव ज्यादा होता है, वहां घट जाती है व्यक्ति की श्रेष्ठता

अहंकारी व्यक्ति सदैव श्रेष्ठता के मद में रहता है, दूसरे उसे तुच्छ और हीन ही दिखाई देते हैं। उसे लगता…

Dunia Mere Aage, Happiness, Zeal
दुनिया मेरे आगे: संतोष का सुख और दुख का कारण, स्वयं में रहना ही देता है जीवन में आनंद

जीवन में जितने भी तनाव आते हैं, उसके पीछे का मुख्य कारण मन की अशांति ही है। हमारे मन के…

Dunia mere aage, Hearing, Jansatta Epaper
दुनिया मेरे आगे: कहने और सुनने का फर्क, हमारी अनसुना करने की आदत से बहुत चीजें हो जाती हैं हमसे दूर

अमूमन हम जो कहते हैं सामने वाले को वही सुनना चाहिए, लेकिन कहने और सुनने में फर्क के कारण लोगों…

Dunia mere aage, Rain, Pleasure
दुनिया मेरे आगे: हरियाली और प्रकृति का रास्ता, बारिश की पहली बूंद और मधुर संगीत से जगी आशा की उम्मीद

जीवन वहीं पर सबसे समृद्ध रूप में है, जहां हरियाली है। धरती की हरियाली के साथ उपजे अन्न, धन से…

दुनिया मेरे आगे: आबोहवा और हमारा जीवन, जलवायु परिवर्तन के प्रति चिंता तो है, लेकिन बचाव पर अमल की फिक्र नहीं

पर्यावरण से जुड़े मुद्दे हम अपनी दिनचर्या में शामिल नहीं करते हैं, मगर पर्यावरण में आ रहे बदलावों की मार…

Happy life| Dunia mere aage
दुनिया मेरे आगे: व्यक्तित्व का आईना, भाव-भंगिमा तय करती हैं लोगों की नजर में हमारी पहचान

पारंपरिक छवि के मुताबिक नायक का चेहरा साफ होना चाहिए, उसके चेहरे पर दाढ़ी नहीं होनी चाहिए। मगर अब यह…

nature
दुनिया मेरे आगे: प्रकृति के किनारे से चलते-चलते देखने पर दिखता है सारा विस्तार, दुनिया एक समांतर

जब हम गति में होते हैं तो दुनिया अपने ही निराले अंदाज में सामने आती रहती है। हम कुछ करें…

Blog, urbanisation, threat to nature, Environment
Blog: कुदरत के साथ बिगड़ रहा संतुलन, शहरों में विकास के नाम पर हो रहे काम ने छीन लिया जीवन का सुकून

जिस तेजी से जलवायु परिवर्तन हो रहा है, वैसा पहले नहीं था। आज तो साफ-साफ दिखने लगा है कि इससे…

Biodiversity| Environment
Blog: जैव विविधता बचाने की चुनौतियां, प्रकृति के साथ तालमेल और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर चर्चा

भारत में जैव विविधता और इससे संबंधित ज्ञान के संरक्षण के लिए 2002 में जैव विविधता अधिनियम तैयार किया गया।…

Beauty seen| Nature
दुनिया मेरे आगे: कुदरत के पड़ते थपेड़े, जल, जीवन, जंगल और पहाड़ तथा मानवीय सभ्यता बचाने को प्रकृति की ओर होगा लौटना

फिलहाल हम सब इस स्थिति में हैं, जब इस पर सोच सकते हैं। जीवन बार-बार नहीं मिलता। यह संस्कृति, यह…

Glacier, Blog, Climate change, Melting glaciers, Environmental hazards,
Blog: पिघलते हिमनद पर तैरते खतरे, जलवायु परिवर्तन का संकेत है संयुक्त अरब अमीरात में 75 वर्षों में सबसे अधिक बारिश

जलवायु परिवर्तन के अनेक दुष्परिणाम देखने में आ रहे हैं। इनमें से एक उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव क्षेत्रों में पृथ्वी…

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