हजारों-लाखों का वेतन लेने वाले आर्थिक पिशाचों को गबन घोटालों में क्या हासिल होता है?
दहेज की वजह से यातना-प्रताड़ना और हत्या की घटनाएं इस दौर में भी जारी हैं।
इस वक्त बदल रहे मौसम के साथ कुछ राज्यों में चुनावी सरगर्मी भी बढ़ चली है।
देशभर में सीवर की सफाई करते प्रत्येक वर्ष सैकड़ों की संख्या में शिविर में स्वास्थ्य कर्मी मौत के मुंह में…
अपने निर्वाचन क्षेत्र में जनोपयोगी विकास की योजनाओं के लिए प्रत्येक सांसद को वार्षिक मद में पांच करोड़ रुपए कर्णांकित…
‘मंदी की मार’ (8 अक्तूबर, संपादकीय) आइएमएफ और डब्लूटीए द्वारा आगे आने वाली ज्यादा खतरनाक मंदी के बारे में सचेत…
‘आबादी का दबाव’ (7 अक्तूबर, संपादकीय) में उल्लिखित बातों में समग्रतापूर्ण ढंग से इसके समस्त पहलुओं को कम शब्दों में…
राजनीतिक दलों के गरीबी हटाने और आर्थिक असमानताओं को दूर करने के बरसों बरस से चले आ रहे वादे केवल…
आज शारीरिक स्वास्थ्य से ज्यादा जरूरी हो गया है मानसिक स्वास्थ्य को दुुरुस्त रखना।
लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में जैसे-जैसे चुनाव निकट आते जाते हैं, वैसे-वैसे प्रचार तंत्र की सक्रियता जनमानस को प्रभावित करने का…