विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि दुनिया में होने वाली कुल मौतों में से एक चौथाई के लिए पर्यावरणीय…
उत्तर आधुनिक दौर में हमने विकास की जिस आर्थिक नीति को स्वीकार किया हुआ है, वह औद्योगिक सभ्यता के मूल्यों…
पर्यावरण के बिना मनुष्य का कोई अस्तित्व नहीं है, लेकिन शायद मनुष्य यह भूल गया है।
जहां मेघों का डेरा है, वहां मेघ से बरसने वाली हर एक अमृत बूंदों को सहेज कर समाज तक पुहंचाने…
कुछ बरसों से पर्यावरण संरक्षण की बाबत ज्यादा चिंता अदालतों ने दिखाई है। सरकारों की दिलचस्पी कभी-कभार कुछ छिटपुट कदम…
पवित्र जुम्मे का दिन कलंकित हुआ है। तेरह नवंबर 2015 को पेरिस में हुए आतंकी कत्लेआम से हम सब आहत…
आजादी से पहले हममें से ज्यादातर लोग अनपढ़ थे, लेकिन समाज और देशहित के बारे में भली-भांति जानते और मानते…
गांधी और पर्यावरण पर बात करते समय यह बात ध्यान में रहनी चाहिए कि गांधी के चिंतन या लेखन में…