लोगों का भरपूर सम्मान इसलिए नहीं करना चाहिए कि यह उनका अधिकार है। बल्कि इसलिए कि ये हमारे संस्कार हैं।…
कभी हम चाहते थे कि देश का रंग खुशरंग कर देने के लिए हर घर में भगत सिंह पैदा हो…
हर व्यक्ति को किसी और के लिए कुछ भी करते समय बेशक निस्वार्थ भाव रखना चाहिए, पर सबका करते हुए…
सवाल है कि अब क्या सचमुच हमारे समाज में सादगी के मूल्य बचे हैं?
हास्य सिर्फ अवसाद से ही रक्षा नहीं करता, यह जीवन की समग्र गुणवत्ता में भी सुधार करता है। शोधकर्ताओं ने…
लॉकडाउन के बाद बच्चों ने कहा कि उनका समय अच्छा गुजरा, क्योंकि उनके सारे ‘गैजेट’ उनक पास थे। दोस्तों की…
यह विशाल, अथाह और अद्भुत जीवन जो है, कहानी इसे विविधता का स्वरूप देती है। यह अपनी रचनात्मकता के सभी…
इस संसार की हर एक वस्तु अलग-अलग होकर भी एक दूसरे से जुड़ी हुई है। सूर्य, चंद्रमा, पृथ्वी, तारे, प्रकृति-…
अंग्रेजी का फैशन चल गया है। यह इज्जत का प्रश्न नहीं, ‘स्टेटस सिंबल’ बन गया है।
अगर हर व्यक्ति अपने संवाद के प्रति इतना-सा सतर्क और ईमानदार व्यवहार अपना ले कि किसी को अपुष्ट बात नहीं…
शब्दों के प्रवाह के लिए विचार चाहिए, विचार को भाव और भावों के लिए अभावों के प्रति संवेदी मन।
संस्कृतियां संस्कारों से बनती हैं, उन्हीं से पलकर पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है और स्मृतियों पर अपने महल खड़े करती…