देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इस हफ्ते शुरू होने वाली है, इसलिए जल्द ही टिकटों की बुकिंग शुरू होने की उम्मीद है। यह नई सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन हावड़ा और गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी और 958 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 14 घंटे में तय करेगी। एक बार इस ट्रेन का संचालन हो जाने के बाद यह इस रूट की सबसे तेज ट्रेन बन जाएगी। फिलहाल, कामरूप एक्सप्रेस सबसे तेज ट्रेन है। वह इतनी ही दूरी तय करने में लगभग 20 घंटे का वक्त लेती है।

हावड़ा-गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर टिकट बुकिंग

हावड़ा-गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के टिकट ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीके से आसानी से बुक किए जा सकते हैं। ऑनलाइन बुकिंग के लिए यात्री IRCTC वेबसाइट या Rail Connect और RailOne ऐप के माध्यम से टिकट रिजर्व कर सकते हैं। ऑफलाइन बुकिंग के लिए यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर मौजूद पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम काउंटर पर जाना होगा।

हर यात्री को यह बातें जानना जरूरी

हावड़ा-गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर टिकट जल्द ही शुरू होने वाले हैं। इसलिए हर यात्री को यह बात जानना बेहद ही जरूरी है।

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यहां पर आरएसी की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी

रेलवे बोर्ड के अनुसार, केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही ट्रेन में चढ़ने की इजाजत होगी। आरएसी (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसलेशन), वेटलिस्टेड या आंशिक तौर पर कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को हावड़ा-गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

एआरपी के पहले दिन से ही सभी बर्थ उपलब्ध हो जाएंगे।

एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) के दिन से सभी उपलब्ध बर्थ उपलब्ध होंगे। मिनिमम चार्जेबल डिस्टेंस 400 किमी होगी और किराया इंडियन रेलवे के मौजूदा नियमों के अनुसार होगा।

केवल 4 बुकिंग कोटा उपलब्ध होंगे।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में केवल चार कोटा होंगे। महिला कोटा, दिव्यांगजनों के लिए कोटा, वरिष्ठ नागरिक कोटा और ड्यूटी पास कोटा। इनके अलावा, इस ट्रेन में कोई अन्य रिजर्वेशन कोटा लागू नहीं होगा।

वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में लोअर बर्थ के नियम

भारतीय रेलवे की कम्प्यूटरीकृत रिजर्वेशन सिस्टम के तहत, वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के लिए टिकट बुक करते समय 60 साल और उससे ज्यादा उम्र के पुरुष यात्रियों और 45 साल और उससे ज्यादा उम्र की महिला यात्रियों को लोअर बर्थ दी जाएगी। हालांकि, यह लोअर बर्थ के उपलब्ध होने पर डिपेंड करेगा। इसके अलावा, अगर कोई यात्री ऐसे बच्चे के साथ यात्रा कर रहा है जिसे अलग बर्थ की जरूरत नहीं है, तो सिस्टम उपलब्धता होने पर लोअर बर्थ आवंटित करेगा।

रिफंड के लिए क्या हैं नियम?

रेलवे बोर्ड के अनुसार, टिकट रद्द होने के 24 घंटों के अंदर रिफंड शुरू करने के लिए, सभी भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। बोर्ड ने कहा, “टिकट काउंटर से खरीदते समय, भुगतान का पसंदीदा तरीका डिजिटल होगा। अगर कोई कस्टमर डिजिटल भुगतान करने में असमर्थ है, तो रद्द होने पर रिफंड सामान्य नियमों के अनुसार किया जाएगा।”

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