बॉलीवुड के किंग खान कहे जाने वाले शाहरुख खान ने अपने करियर की शुरुआत टेलिविजन सीरियल से की थी। बेहतरीन एक्टकिंग और कड़ी मेहनत की वजह से आज उनके फैंस भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी हैं। लॉस एंजिलेस टाइम्स ने उन्हें दुनिया का सबसे बड़ा मूवी स्टार बताया है। साल 2014 में एक रिपोर्ट के अनुसार, शाहरुख दुनिया के दूसरे सबसे अमीर एक्टर हैं। उनके खाते में 14 फिल्मफेयर अवार्ड्स हैं। लंदन के मैडम तुसाद संग्रहालय में उनकी वैक्स की मूर्ति भी स्थापित है। शाहरुख को ये कामयाबी ऐसे ही नहीं मिली है। उन्होंने फिल्मों में लंबे-लंबे डायलॉग बड़ी आसानी से बोले हैं। लेकिन एक वक्त था जब शाहरुख खान को हिंदी सिखाने के लिए उनकी मां अलग ही तरीका निकाला था। आइए बताते हैं आखिर कैसे शाहरुख ने सीखी थी हिंदी।
It was just the fish & me…till these photo bombers floated in!!
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दरअसल शाहरुख खान के पिता मीर ताज मोहम्मद पाकिस्तान के पेशावर से थे और उनकी मां का नाम लतीफ फातिमा है। लेकिन शाहरुख का जन्म दिल्ली में हुआ है। कहा जाता है कि शाहरुख की मां लतीफ फातिमा ने उन्हें हिंदी सिखाई थी।
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आज जिस शाहरुख खान को लोग धाराप्रवाह अंग्रेजी में शानदार मोटीवेटिंग भाषण देते सुनते हैं और प्रभावित होते हैं। स्कूल के दिनों में उनकी मां हिंदी सिखाने के लिए शाहरुख खान को बॉलीवुड फिल्में देखने के लिए कहती थीं। ताकि वो हिंदी भाषा को अच्छे से समझ पाएं। स्कूल के दिनों में भी शाहरुख का फेवरेट सब्जेक्ट हिंदी था।
वहीं टेलीविजन के दिल दरिया, फौजी, सर्कस जैसे सीरियल्स से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत करने वाले शाहरुख ने आज अपने आप को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित कर लिया है। उनके फिल्मी करियर की शुरूआत फिल्म ‘दीवाना’ से हुई थी जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला था।
इसके बाद शाहरुख ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और वे लगातार सफलता की सीढि़यों पर चढ़ते गए। धीरे धीरे वे आलोचकों के साथ साथ जनता की पसंद बन गए और लड़कियों के बीच तो काफी प्रसिद्ध हो गए।
