कोरोना वायरस की मार झेल रहे महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मंगलवार 14 अप्रैल को प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ जमा हो गई। करीब 2000 की संख्या में ये लोग बांद्रा स्टेशन पहुंच गए और अपने-अपने गांव जाने लिए ट्रेनों के संचालन की मांग करने लगे। बताया जा रहा है कि ट्रेन चलने की अफवाह के बाद ये भीड़ वहां एकत्रित हुई थी। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तो खत्म कर दिया लेकिन कुछ लोगों ने इस पूरे मामले को साजिश बताते हुए मजहबी चोला पहनाने की कोशिश भी शुरू कर दी।
इन्हीं सबके बीच वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने भी एक ट्वीट किया जिसे लेकर वह बुरी तरह ट्रोल हो रहे हैं। रजत शर्मा ने अपने ट्वीट में लिखा- बांद्रा में जामा मस्जिद के बाहर इतनी बड़ी संख्या में लोगों का इकट्ठा चिंता की बात है। इन्हें किसने बुलाया? अगर ये लोग घर वापस जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए आए थे तो उनके हाथों में सामान क्यों नहीं था?
बांद्रा में जामा मस्जिद के बाहर इतनी बड़ी संख्या में लोगों का इकट्ठा चिंता की बात है. इन्हें किसने बुलाया? अगर ये लोग घर वापस जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए आए थे तो उनके हाथों में सामान क्यों नहीं था?
— Rajat Sharma (@RajatSharmaLive) April 14, 2020
रजत शर्मा के इस ट्वीट का जवाब देते हुए लोगों ने बताया कि स्टेशन के सामने ही मस्जिद है। कुछ यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करते हुए लिखा- अगर कोई पटना स्टेशन के सामने भीड़ लगा दे तो रजत शर्मा लिखेंगे कि पटना हनुमान मंदिर के सामने भीड़ क्यों जमा हुई? कृपया किसी सस्ते अस्पताल में जाकर अपने ‘मस्जिदियाबिंद’ का इलाज करा लें।

एक्टर एजाज खान ने रजत शर्मा को ट्रोल करते हुए लिखा- जिन ग़रीबों के पास खाने को रोटी नहीं ,पहनने को चप्पल नहीं ,वह क्या गुच्ची का बैग लेकर अपने घर निकलते। तो तुमको तसल्ली होती कि गरीब अपने गांव जाना चाहता है। शर्म करो।
अब ऐक बात बताना ज्ञानी लोगों,जिन ग़रीबों के पास खाने को रोटी नहीं ,पहनने को चप्पल नहीं ,वह क्या गुच्ची का बेग लेकर अपने घर निकलते .तो तुमको तसल्ली होती कि गरीब अपने गाँव जाना चाहता है . Disgusting politics over poor people , शरम करो https://t.co/whYfhk8MsG
— Ajaz Khan (@AjazkhanActor) April 15, 2020
वहीं कुछ यूजर्स ने रजत शर्मा को इस मामले में मजहबी नफरत फैलाने का आरोपी बताते हुए मुंबई पुलिस से शिकायत भी की। लोग रजत शर्मा को ट्रोल करते हुए लिखने लगे कि अपनी ना सही खुद को मिले पद्म भूषण का तो खयाल किया करें। कुछ यूजर्स ने रजत शर्मा को ये भी लिखा कि हाल ही में दिल्ली बस स्टैंड के बाहर औऱ गुजरात के सूरत में भी लोग सड़कों पर उतरे थे..वहां कौन सी मस्जिद थी।
आप बडे बेशर्म है. एक तो मुंबई के बारे मे कुछ नही जानते और कोशिश कर रहे है कम्युनल कलर देनेकी. इस मस्जिद के सामने बांद्रा स्टेशन है और ये लोग वहां टिकट लेने आए थे. आप जैसे किसी घटिया चॅनलने ट्रेन शुरू होने की अफवा उडायी थी. बस्स? https://t.co/Od2nBTMFok
— nikhil wagle (@waglenikhil) April 14, 2020
मरकज़, मस्ज़िद, मुसलमान के अलावा और कुछ भी दिखता है शर्मा अंकल ??
कुछ दिन पहले दिल्ली बस स्टैंड में और 3 दिन पहले गुजरात मे भी मजदूर यूँ सड़कों पर आए थे
वो क्यों आये सड़कों पर उनको किसने बुलाया था वहां कौन सी मस्ज़िद थी ?
अगर पत्रकार हो तो गरीबों के बीच जाकर उनका दर्द पता करो— Khalid Salmani (@khalidsalmani1) April 14, 2020
हे नफरत की दुकान @RajatSharmaLive
अपनी न सही इस ब्लू टिक की ही लाज रख लीजिए।कम से कम आपको सरकार द्वारा मिले पद्दम भूषण का ही मान रख लीजिए।
भीड़ सिर्फ मुम्बई में जुटी है?
सूरत में किस मस्जिद के आगे जुटे हैं वो उड़िया और बिहारी कामदार?
कुछ तो न्यूट्रल खबर चलाइये चाटूकार जी!!!
— True Indian (@TrueInd26978997) April 14, 2020
@MumbaiPolice @CPMumbaiPolice @AUThackeray @CMOMaharashtra @nawabmalikncp @JhaSanjay @supriya_sule @AslamShaikh_MLA @zeeshan_iyc
This man is deliberately using the mosque reference to communalise a delicate situation. The mosque is nearly the station. Thats all there is.
— Sidrah (@SidrahDP) April 14, 2020

