चार दिवसीय छठ पूजा का पर्व आज से शुरू हो गया है। ऐसे में देश की राजधानी दिल्ली में छठ पूजा के लिए घाट आदि बनवाए गए हैं। दिल्ली सरकार द्वारा कई जगहों पर कृत्रिम घाट भी बनवाए गए हैं। वहीं यमुना में खड़े होकर इस बार छठ पूजा नहीं की जा सकेगी। इसको लेकर कवि कुमार विश्वास ने दिल्ली सरकार पर तंज कसा है।

यमुना नदी के खड़े होकर नहीं कर सकेंगे पूजा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सरकार के एक अधिकारी द्वारा कहा गया है कि इस बार यमुना के किनारे बनाए गए कृत्रिम घाटों पर ही पूजा की जा सकेगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि यमुना के कई घाटों पर दलदल है। जिसकी वजह से श्रद्धालुओं को वहां तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि प्रदूषण की वजह से यमुना नदी में जगह-जगह जहरीली झाग भी देखने को मिल रही है।

कुमार विश्वास ने किया ऐसा ट्वीट

इस खबर को लेकर कवि कुमार विश्वास ने दिल्ली सरकार पर तंज कसा। उन्होंने ट्विटर के जरिए सरकार पर कटाक्ष कर लिखा कि, ‘दिल्ली के कंस ने एक सरकारी आदेश दिया है कि यमुना में कोई यशोदा, कोई राधा, कोई गोपी, कोई रुकमणी छठ पूजा व स्नान नहीं करेगी। विज्ञापन उत्कोच द्वारा मुख्यबंधित पक्षकारों के अतिरिक्त सभी के ध्यानार्थ।’

सोशल मीडिया यूजर्स के रिएक्शन

डॉ कुमार विश्वास द्वारा किए गए ट्वीट पर को सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी बातों का समर्थन किया है तो वहीं कुछ लोगों ने कटाक्ष करते हुए जवाब दिया है। अनुराधा राठौर नाम की एक यूज़र कमेंट करती हैं कि यमुना को नदी रहने ही कहां दिया है? सफाई का सारा धन तो सरकारें गटक गई हैं। राकेश नाम के एक यूजर ने कमेंट किया, ‘ एनजीटी का आदेश है कविवर, इतना द्वेष रखना किसी के प्रति ठीक नहीं है।’ रविंद्र शुक्ला नाम के एक यूजर कमेंट करते हैं कि कभी केंद्र सरकार से भी सवाल कर लिया करिए साहब। क्या उनकी जिम्मेदारी नहीं है?

अमन झा नाम के एक यूज़र ने दिल्ली सरकार पर तंज कसते हुए लिखा कि छठी मैया सब देख रही हैं, उनके प्रकोप से कोई बचने वाला नहीं है। मोहन कुमार रॉय नाम के ट्विटर यूजर ने कमेंट किया – यही सब काम करने के लिए तो मुख्यमंत्री बनाए गए हैं। अभिमन्यु नाम के एक यूजर ने लिखा – जब नाश मनुज पर छाता है तो विवेक पहले मर जाता है। राजेंद्र त्रिपाठी नाम के ट्विटर यूजर लिखते हैं – दीपावली के समय पटाखे नहीं जलाने दिए और अब यमुना में खड़े होकर छठ पूजा नहीं की जा सकती। केजरीवाल हिंदू विरोधी हैं।