मशहूर शायर मुनव्वर राणा ने टू चाइल्ड पॉलिसी पर एक बयान दिया है। उनके इस बयान पर लोग सोशल मीडिया पर मजे ले रहे हैं। उन्होंने न्यूज़ 24 चैनल के साथ इंटरव्यू के दौरान कहा कि, ‘2 से ज्यादा बच्चे इसलिए होते हैं, क्योंकि 2 बच्चे एनकाउंटर में मार दिए जाते हैं। एक कोरोना में मार दिया जाता है। जैसे लोग मुर्गी के 10 बच्चे खरीदते हैं, जिसके बाद दो या तीन बच्चे बच जाते हैं।’
शायर के इसी बयान पर उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है। एक टि्वटर यूजर ने उनके इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि इनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है ऐसा लग रहा है। इसे तुरंत आगरा के अस्पताल में इलाज के लिए कृपया भर्ती कराए। @avijeetsingh10 ट्विटर अकाउंट से कमेंट आया कि अंदर का ज़हर चूम लिया धुल के आ गए। कितने शरीफ़ लोग थे सब खुल के आ गए।
एक टि्वटर यूजर ने लिखा कि, ‘एक उम्र के बाद बुड्ढों को म्यूजियम में रख देना चाहिये मुह पर टेप लगाकर।’ पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध लिखती हैं कि इनके हिसाब से हम दो हमारे 5-6 हों का नारा होना चाहिए। धन्य हैं आप राणा जी।’ @tweet_of_Gandhi टि्वटर अकाउंट से कमेंट किया गया कि एक सीरिया में, एक अफ़ग़ानिस्तान में, एक तालिबान में एक ISIS में भी भेजना होता होगा? @Jethwa_voice से लिखा गया कि कभी कभी लोग कुछ भी बोल देते हैं। देहाती आदमी भी ऐसी भाषा नही कहता। ये तो फिर भी पढ़े लिखे हैं।
एक यूजर ने मजे लेते हुए लिखा कि राणा जी खुद को माफ़ करना गलती थारे से हो गई। @imsyedamaan टि्वटर अकाउंट से रिप्लाई करते हुए लिखा गया कि, ‘चचा, उम्र हो गयी है लिहाज करो उसी का। जो इज़्ज़त आपने बनाई है, सठिया के गवाओं नही उसको।’ द लल्लनटॉप के पत्रकार मुबारक लिखते हैं कि, ‘ कुछ बुज़ुर्ग आदर्श होते हैं। आपको उनके जैसा बनना होता है। और कुछ बुज़ुर्ग ऐसे होते हैं, जिनके बारे में आप डेड श्योर होते हैं कि साला कुछ हो जाए ऐसा नहीं बनना। मुनव्वर साहब इसी दूसरी कैटेगरी से हैं। यूपी छोड़ने की बात हो या ये बेहूदा बात, निराश करने में इनकी कंसिस्टेंसी कमाल की है।
2 बच्चे एनकाउंटर में और 1 कोरोना में मार दिया जाता है, इसीलिए हम ज्यादा बच्चे पैदा करते हैं’: Munawwar Rana#UPElection2022 #MunawwarRana pic.twitter.com/Mz2a7wudTG
— News24 (@news24tvchannel) July 18, 2021
एक अकाउंट से लिखा गया कि जिस देश में मान सम्मान मिला, उसके खिलाफ जहर उगलना, शान समझ रहा है, शर्म आनी चाहिए। @mayank_sxn से लिखा गया कि आपकी शायरी के मुरीद हैं, विचारों के नहीं। वहीं एक यूजर ने लिखा कि पापुलेशन बढ़ाने का राणा साहब का लॉजिक भोजपुरी गानों से कम फूहड़ है क्या ? वैसे, मजेदार बहुत है।
