लाइव टीवी डिबेट में उलेमा काउंसिल के मुप्ती नदीमुद्दीन ने माना कि ट्रिपल तलाक इस्लाम के खिलाफ है। नदीमुद्दीन ने कहा कि हम सरकार और सुप्रीम कोर्ट से दर्ख्वास्त करेंगे कि इस तरह से तलाक देने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए इस्लाम पूरी तरह से साथ देगा। गुरुवार(11 मई) को सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर सुनवाई करते हुए सरकार और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से कुछ ,सवाल पूछे। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि, ‘अगर हमको ये लगता है कि तीन तलाक धर्म का हिस्सा है तो हम इसमें दखल नहीं देंगे। लेकिन अगर यह धर्म का मामला नहीं निकला तो सुनवाई आगे चलती रहेगी। तीन तलाक से मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है या नहीं..इस पर कोर्ट देखेगी। इसी मामले पर हिंदी न्यूज चैनल आज तक पर लाइव डिबेट का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में बीजेपी की तरफ से संबित पात्रा मौजूद थे तो वहीं उलेमा काउंसिल की तरफ से मुफ्ती नदीमुद्दीन अपना पक्ष रखने आए थे।
#Hallabol, मुफ्ती नदीमुद्दीन(अध्यक्ष, UCH)- सरकार और कोर्ड पीड़िता के साथ न्याय करे, ऐसा हमारा मानना है
Live: https://t.co/fOz5QPkk43 pic.twitter.com/VmqUDPbNLJ— आज तक (@aajtak) May 11, 2017
बीजेपी प्रवक्ता ने डिबेट में कहा कि पार्टी के सभी लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से साफ हिदायत दी गई है कि ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर किसी तरह से कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। वहीं जब मुफ्ती नदीमुद्दीन से पूछा गया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उनकी क्या राय है, तो उन्होंने कहा कि हम भी सुप्रीम कोर्ट और सरकार के फैसले का समर्थन करते हैं। मुफ्ती ने आगे कहा कि ट्रिपल तलाक इस्लाम में हराम है इस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।

