“शहीद कभी मरा नहीं करते, वो अमर हो जाते हैं” इस लाइन को जम्मू की रहने वालीं जसवंत कौर ने एकदम सही साबित किया है। उनके लिए उनका बेटा गुरनाम सिंह एक प्रतिमा के रूप में आज भी जीवित है जो उनके गांव में लगी हुई है। जसवंत कौर उस प्रतिमा को ही अपना जीता-जागता बेटा मानती हैं और शायद इसीलिए उस प्रतिमा का ख्याल ऐसे रखती हैं जैसे उनका बेटा हर वक्त सामने है। इस वक्त जम्मू में कड़ाके की ठंड है हर कोई प्रचंड सर्दी से परेशान है। ऐसे में जसवंत कौर को भी अपने बेटे की फिक्र हुई और उन्होंने बेटे की प्रतिमा को ही कंबल ओढ़ा दिया ताकि उसे सर्दी न लगे।

मार्मिक दृश्य देखकर भावुक हुए लोग

मां का अपने बेटे के लिए यह प्रेम देखकर गांव का हर निवासी भावुक है। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने भी लोगों को भावुक कर दिया है। यह मार्मिक दृश्य देखकर लोग काफी इमोशनल हैं। यह वीडियो जम्मू के रणवीरसिंह पुरा इलाके का है जहां गुरनाम सिंह का घर है। उनकी शहादत के बाद गांव में उनकी प्रतिमा बना दी गई थी। तब से गुरनाम की मां अपने बेटे की तरह ही इस प्रतिमा को लाड प्यार करती हैं।

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लोगों की भावुक प्रतिक्रिया

वायरल वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रिया भी भावुक कर देने वाली है। यूजर्स ने इस शहीद की शहादत को नमन किया और उस मां के प्रति संवेदना प्रकट की है जो आज भी अपने बेटे को उस प्रतिमा में देखती हैं। एक यूजर ने लिखा है- लोग भगवान को भी घरों में कंबल और स्वेटर पहनाते हैं, यह भावना की बात है, जो अपनों को जिंदा समझता है उसी में ये भाव होता है। एक और अन्य यूजर ने लिखा है- क्या ईश्वर इस मां को अपने बेटे से नहीं मिला सकता???

2016 में शहीद हुए थे गुरनाम सिंह

BSF की 173 बटालियन के कांस्टेबल गुरनाम सिंह साल 2016 में आतंकियों की एक घुसपैठ को नाकाम करते वक्त शहीद हो गए थे। 24 साल के गुरनाम पाकिस्तान की तरफ से हुई फायरिंग में पहले घायल हुए थे। उनका इलाज जम्मू के अर्निया में चला था। कई दिन संघर्ष के बाद आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया था। जम्मू के रणवीरसिंह पुरा इलाके के रहने वाले गुरनाम सिंह 5 साल पहले यानी 2011 में BSF में भर्ती हुए थे।

यहां देखें वायरल वीडियो