Borivali Station Viral Video: सपनों के शहर मुंबई की रफ़्तार कभी नहीं रुकती, लेकिन हाल ही में कथित तौर पर बोरीवली रेलवे स्टेशन (Borivali Station) से सामने आई एक तस्वीर ने हजारों लोगों के कदमों को ठिठकने पर मजबूर कर दिया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक साधारण सा दिखने वाला शख्स प्लेटफॉर्म पर बैठकर किसी बच्चे की तरह फूट-फूटकर रोता नजर आ रहा है।
चेहरे को हाथों से ढककर रोता दिखा
वीडियो में देखा जा सकता है कि उसके आसपास से हजारों लोग गुजर रहे हैं, लेकिन उसकी बेबसी और आंसू एक ऐसी कहानी बयां कर रहे हैं जिसे अक्सर समाज नजरअंदाज कर देता है। शख्स अपने चेहरे को हाथों से ढके हुए है और उसकी सिसकियां साफ सुनी जा सकती हैं।
इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि शख्स अपनी शक्ल छिपाए रो रहा है। कोई उससे बात तक करने वहां नहीं आ रहा। वह वहां क्यों रो रहा था, इसका सटीक कारण अभी सामने नहीं आया है—हो सकता है वह आर्थिक तंगी हो, परिवार की कोई परेशानी या फिर शहर की भागदौड़ में खो जाने का डर। लेकिन उसके आंसुओं ने यह साबित कर दिया कि “पुरुषों को भी तकलीफ होती है।”
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर आया, यूजर्स भावुक हो गए। हजारों लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर ‘Men’s Mental Health’ पर चर्चा शुरू हो गई। यजर्स ने इस बात से इत्तेफाक जताया कि मर्दों को भी तकलीफ होती है। उन्हें भी कभी कबार ऐसे कंधों की जरूरत होती, जिनपर सिर रखकर वो रो सकें, अपनी परेशानी भुला सके।
वीडियो पर टिप्पणी करते हुए एक यूजर ने लिखा: “अक्सर समाज कहता है कि ‘मर्द को दर्द नहीं होता’, लेकिन सच यह है कि उसे अपना दर्द दिखाने की इजाजत नहीं होती। इस शख्स को देखकर मेरा कलेजा फट गया।”
दूसरा कमेंट: “हम नहीं जानते यह भाई किस दौर से गुजर रहा है, लेकिन उम्मीद है कि इसे कोई सहारा मिला होगा। पुरुषों पर पूरे घर का बोझ होता है और कभी-कभी वे टूट जाते हैं।” कई लोगों ने इसे ‘अकेलेपन का चरम’ बताया है।
गौरतलब है कि मुंबई जैसे शहरों में लाखों लोग हर दिन अपने घर-परिवार से दूर रोजी-रोटी की तलाश में संघर्ष करते हैं। यह वीडियो उसी संघर्ष के बीच दबे हुए मानसिक दबाव (Pressure) की एक छोटी सी झलक है। लोगों ने अपील की है कि अगर कभी आपको स्टेशन या सार्वजनिक जगह पर कोई इस तरह रोता दिखे, तो कम से कम उससे ‘ठीक हो?’ जरूर पूछ लें।
