दिल्ली में कांग्रेस के सामूहिक उपवास के पहले पार्टी नेताओं की छोले-भटूरे खाने की फोटो वायरल होने के बाद पार्टी नेता अरविंदर सिंह लवली ने सफाई दी है। अरविंदर सिंह लवली ने मीडिया से कहा- ”यही प्रॉब्लम है इनकी (बीजेपी की), ये सांकेतिक उपवास है, कोई इंडेफिनिट उपवास नहीं है, और वो आठ बजे से पहले की फोटोग्राफ है और साढ़े दस से साढ़े चार का उपवास का समय है, तो स्थिति यही है कि देश को संभालने बजाय वो (बीजेपी) इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि हम किस समय खा रहे हैं और किस समय नहीं।” बता दें कि कांग्रेस नेता हरीश खुराना ने सोमवार (9 मार्च) को ही कांग्रेस नेताओं की छोले-भटूरे खाते हुए तस्वीर ट्वीट की। हरीश खुराना ने ट्वीट में लिखा- ”वाह रे हमारे कांग्रेस के नेता, लोगों को राजघाट पर अनशन के लिए बुलाया है और खुद एक रेस्तरां में बैठकर छोले-भटूरे के मजे ले रहे हो। सही बेवकूफ बनाते हो।” तस्वीर वायरल हो गई। तस्वीर में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अजय माकन और अरविंदर सिंह लवली समेत कांग्रेस के कुछ और नेता एक रेस्टोरेंट में छोले-भटूरे आदि व्यंजन खाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दलित उत्पीड़न के खिलाफ दिल्ली के राजघाट में सामूहिक उपवास पर बैठे कांग्रेस नेताओं को इस तस्वीर के वायरल होने के बाद खासी किरकिरी झेलनी पड़ रही है। कांग्रेग अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली की पूर्व मुख्य मंत्री शीला दीक्षित, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और अशोक गहलोत समेत कई दिग्गज कांग्रेसी नेताओं ने उपवास रखा। कांग्रेस दलित उत्पीड़न के खिलाफ केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी पर हमला बोल रही है।

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘राजघाट, दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष, श्री राहुल गांधी ‘सदभावना उपवास’ पर। करोड़ों कांग्रेस जन पूरे देश में सामाजिक सौहार्द, भाईचारा व प्रेम के पक्ष में हर जिला स्तर पर उपवास पर।’ सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘सामाजिक सौहार्द और भाईचारा मोदी सरकार के राज में खतरे में हैं। वह समाज को बांटना चाहते हैं, इसलिए कांग्रेस का फर्ज है कि इस तरह की ताकतों से लड़ाई लड़े।’