बुंदेलखंड एक्सप्रेस के बाद अब मध्य प्रदेश में करोड़ों की लागत से बना भोपाल होशंगाबाद को जोड़ने वाला NH – 46 के पुल का एक हिस्सा ढह गया। उसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। जिसको लेकर कांग्रेस नेताओं के साथ आम सोशल मीडिया यूजर्स ने भी भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसा है।

कांग्रेस नेताओं ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने अपने सोशल मीडिया से बीजेपी नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नर्मदा नहर गुजरात, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, उत्तर प्रदेश पुल और उत्तराखंड से होता हुआ विकास अब मध्यप्रदेश में भोपाल और होशंगाबाद के पुल पर आकर ढह गया। रेवड़ी से अपच हो गई, नहीं मोदी जी? कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने कमेंट किया, ‘ मध्य प्रदेश में विकास पहुंचा पाताल में, पहली बारिश में भोपाल और होशंगाबाद को जोड़ने वाला पुल बह गया। करोड़ों रुपए की लागत से निर्माण हुआ था। मोदी जी, किसको कितनी रेवड़ियां बंटी थी?’

कांग्रेस नेता रोहन गुप्ता ने नरेंद्र मोदी सरकार पर कटाक्ष कर लिखा कि भ्रष्टाचार का भाजपाई मॉडल। पहली बारिश में ही बह गया, भाजपाई भ्रष्टाचार का स्मारक। मध्य प्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कमेंट किया गया कि भोपाल होशंगाबाद को जोड़ने वाला, करोड़ों की लागत से बना पुल पहली ही बारिश में बह गया। जरा सी बारिश हो, भाजपाई भ्रष्टाचार उफनाने लगता है।

आम यूजर्स ने यूं ली चुटकी

पत्रकार उमाशंकर सिंह ने चुटकी लेते हुए कमेंट किया की क्वालिटी डैमेज कंट्रोल वाले ड्रोन की बैटरी चार्ज नहीं थी क्या? अभिनव शुक्ला नाम के एक ट्विटर यूजर ने पूछा, ‘ड्रोन रास्ते में ही खराब हो गया था क्या?’ नितेश पांडे नाम के एक यूजर ने कमेंट किया – इतनी तेजी से विकास हो रहा है कि मटेरियल सेट होने का समय ही नहीं मिल पा रहा है। मुकेश नाम के टि्वटर हैंडल से लिखा गया कि पूछो कोई इनसे की रेवड़ी कौन खा गया?

पीएम मोदी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के दौरान कही थी ऐसी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि रेवड़ी कल्चर कभी भी आपके लिए नए एक्सप्रेस वे नहीं बनाएंगे, नए एयरपोर्ट एयर डिफेंस या कॉरिडोर नहीं बनाएंगे। वे जनता को मुफ्त की रेवड़ी बांट कर, उन्हें खरीद लेंगे। हम सबको मिलकर उनकी इस सोच को हराना है, रेवड़ी कल्चर को देश की राजनीति से हटाना है। पीएम मोदी के इस बयान पर विपक्षी दलों के नेताओं ने पलटवार भी किया था।